Sunday , August 20 2017
Home / Khaas Khabar / अर्ध-सैनिक बलों पर नियंत्रण को लेकर गृह और रक्षा मंत्रालय आपस में भिड़े

अर्ध-सैनिक बलों पर नियंत्रण को लेकर गृह और रक्षा मंत्रालय आपस में भिड़े

नई दिल्ली: द टेलीग्राफ अखबार ने खबर दी है कि भारतीय सेना ने अर्ध-सैनिक बलों पर नियंत्रण की मांग दोहराई है लेकिन इस पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ऐतराज जताया है। अखबार ने वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि मामला अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय में पहुंच गया है। वहीं दूसरी तरफ इस मामले को लेकर सरकार के दो मंत्रालयों में भिड़नत हो गई है।

अखबार ने लिखा है कि देश के गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) पर अधिकार को लेकर तनातनी चल रही है। आईटीबीपी ही चीन से लगी 3488 किलोमीटर सीमा की निगरानी करती है। गृहमंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से अखबबताया कि आईटीबीपी पर नियंत्रण को लेकर रक्षा और गृह मंत्रालय के बीच रार पुराना है। अधिकारी के अनुसार लेकिन इस बार ये मुद्दा सिक्किम कार ने लिखा है कि डोको ला इलाके में चीन के संग विवाद के दौरान ही उभर गया है।

मंत्रालय के अधिकारी ने बताया है कि भारतीय सेना का कहना है कि अर्ध-सैनिक बल के पास चीन सीमा की निगरानी करने के  लिए जरूरी संसाधान नहीं हैं। भारतीय सेना को लग रहा है कि चीन सीमा पर खतरे की आशंका है। इसलिए वो चाहती है कि आईटीबीपी पर उसका नियंत्रण रहे। भारतीय सेना ने पिछले कुछ समय में लद्दाख और सिक्किम में चीन द्वारा किए जा रहे घुसपैठ और अन्य टकराव का हवाला देते हुए ये मांग रखी है।

गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से लगने वाली भारत-चीन सीमा की निगरानी का काम आईटीबीपी ही करती है। लेकिन गृहमंत्रालय ने सेना की मांग पर यह कहकर ऐतराज जताया है कि परंपरागत रूप से सीमा की सुरक्षा अर्ध-सैनिक बल करते हैं और सेना पहली रक्षा-पंक्ति के पीछे रहती है।

गृह मंत्रालय ने अपने तर्क के समर्थन में हवाला देते हुए यह भी कहा है कि चीन की तरफ से भी सीमा पर अर्ध-सैनिक बल ही तैनात हैं। गृह मंत्रालय ने अपने जवाब में साफ किया है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगने वाली सीमा की सुरक्षा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) करता है। वहीं नेपाल और भूटान से लगने वाली भारतीय सीमा की सुरक्षा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) करता है।

उल्लेखनीय है कि बीएसएफ और एसएसबी दोनों ही अर्ध-सैनिक बल हैं। गृह मंत्रालय के अधिकारी ने टेलीग्राफ को बताया कि मंत्रालय आईटीबीपी को रक्षा मंत्रालय को नहीं देना चाहता। चीन से ताजा विवाद के बाद आईटीबीपी के तीन हजार अतिरिक्त जवान विवादित इलाके में तैनात किए गए हैं। जब द टेलीग्राफ ने रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता से दोनों मंत्रालयों के बीच तनातनी के बाबत पूछा तो उनकी तरफ से इस तरह की कोई जानकारी होने से इंकार किया गया है।

TOPPOPULARRECENT