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हैदराबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल, पूछा- क्या इफ़्तार पार्टी से ग़रीब मुसलमानों को कुछ फायदा होगा?

तेलंगाना सरकार ने शुक्रवार को हैदराबाद हाईकोर्ट को बताया कि वह यह सुनिश्चित करेगी कि पूरे राज्य में 800 मस्जिदों में होने वाली इफ्तार पार्टी का केवल गरीब मुसलमानों को ही लाभ हो।

राज्य के अतिरिक्त अधिवक्ता जम्मू रामचंद्र राव ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति टी. रजनी की पीठ से यह बात कही है।

दरअसल सामाजिक कार्यकर्ता लुबना सरवत ने एक जनहित याचिका दायर की थी जिसमे कहा गया था कि इफ़्तार पार्टी और रमजान का उपहार पैक देने से अल्पसंख्यकों के लिए निर्धारित धनराशि बर्बाद हो रही है।

जिस पर राज्य के वकील ने खंडपीठ को बताया कि शहर में लालबहादुर स्टेडियम में 18 जून को मेगा इफ्टर पार्टी के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की धनराशि का उपयोग राज्य सरकार का निर्णय नहीं है।

पीठ ने राज्य सरकार और उसके अल्पसंख्यक विभाग को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए कि राज्य में चल रहे कार्यों से गरीब मुसलमानों को फायदा पहंचे।

खंडपीठ ने राज्य सरकार से कहा कि आपको रमजान के बाद कितनी महिलाओं, अनाथ, गरीब विधवा आदि को आपकी इफ्तार पार्टियों और उपहारों के जरिए फायदा मिला है, उसके लाभार्थियों की श्रेणी के अनुसार सूची प्रस्तुत करना है।

याचिकाकर्ता के वकील समीर अहमद ने अदालत से कहा कि राज्य सरकार इन पार्टियों और उपहार के माध्यम से अल्पसंख्यकों के लिए आवंटित 60 करोड़ रुपये का दुरुपयोग कर रहा है और उन्होंने आशंका व्यक्त की कि वह धनराशि जरूरतमंद वर्गों तक नहीं पहुंचेगी।

उन्होंने पिछले साल के इफ्तार में किये गए खर्च का हवाला दिया और कहा कि इफ्तार पार्टी के लिए प्रिंटिंग कार पास और निमंत्रण कार्ड के लिए 3 लाख रुपये का खर्च आया था।

पीठ ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वकील बी एस प्रसाद से पूछा कि क्या एक गरीब मुस्लिम कार में इफ्तार पार्टी के लिए आएगा?

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