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जीवाजी यूनिवर्सिटी के 6 दलित छात्र सस्पेंड, विभागाध्यक्ष पर लगाया जाति सूचक टिपण्णी करने का आरोप

ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर 6 छात्रों को दुर्व्यवहार के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ छात्रों का आरोप है कि उनके विभागाध्यक्ष ने उन्हें जाति सूचक गालियां दी। छात्र 1 अप्रैल से भूख हड़ताल पर बैठे थे और उनमें से कुछ छात्रों की हालत नाजुक होने के चलते बुधवार से ग्वालियर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बीबीसी के मुताबिक, निलंबित होने वाले छात्रों का नाम- सूरज राजौरिया, रायसिंह, संदिप सिंह मौर्य, कुलदीप इटौरिया, प्रदीप जौधपुरिया और सुमन राहुल अहिरवार है। सभी लॉ के छात्र हैं और अनुसूचित जाति से आते हैं।

छात्रों का कहना है कि वे 31 मार्च को अपने विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. गणेश दुबे से बाबा भीमराव अंबेडकर से जुड़े कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगने गए थे। लेकिन विभागाध्यक्ष ने कार्यक्रम करने की अनुमति देने से साफ मना कर दिया और डॉ. बाबा भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबा फुले और छात्रों को कथित तौर पर जाति सूचक गालियां देकर बाहर कर दिया।

निलंबित होने वाली एक छात्रा सुमन राहुल अहिरवार का बयान प्रकाशित किया जिसमें उसने कहा है, “गणेश दुबे सर से जब हमने कार्यक्रम के लिए बात की तो वे एकदम उखड़ गए। कहने लगे कि क्या बाबा साहेब बाबा साहेब लगा रखा है। आखिर हमारी क्या गलती थी। हम तो बाबा साहेब अंबेडकर और ज्योतिबा फुले पर एक क्विज ही तो करना चाहते थे। खुद सरकार भी तो प्रोग्राम कराती है बाबा साहेब पर।”

वहीं दूसरे छात्रों का आरोप है कि कि यहां युनिवर्सिटी में एससी, एसटी, ओबीसी छात्रों के साथ-साथ पिछड़ी जाति आए प्रोफेसरों के साथ भी भेदभाव होता है। उन्हें अक्सर आरक्षण लेने की वजह से मजाक बनाया जाता है।

हालांकि प्रोफेसर डॉ. गणेश दुबे का कहना है कि छात्रों ने जो आरोप लगाया है वो सरासर झुठ है। उन्होंने डॉ. अंबेडकर या दूसरे लोगों को जाति सूचक गालियां नहीं दी थी।

उन्होंने कहा, “सर हमें अंबेडकर और इन बच्चों से कोई परहेज नहीं है। पिछले साल नवंबर में ही मैनें अंबेडकर पर प्रोग्राम करवाया था। हमारे कॉलेज में 11 को कई प्रोग्राम हैं। इसलिए हमने बच्चों से कहा कि हम कमेटी में आपकी बात रखेगें। बाकि आगे का फैसला उन्हीं के हाथों में है। छात्र जानबूझ कर मामले को सामाजिक रंग देने में लगे हैं।”

प्रोफेसर दुबे ने कहा कि छात्रों ने उनके साथ गलत व्यवहार किया और कैंपस में खड़ी एक कार का कांच तोड़ दिया। इसके अलावा उन लोगों ने प्रॉक्टार प्रोफेसर आर. ए. शर्मा के साथ मारपीट भी की। इसके लिए उन्होंने 1 अप्रैल को छात्रों पर विश्वविद्दयालय थाने में धारा-294,506,332,353,147 और 149 के अंतर्गत मामला दर्ज कराया है।

वहीं दूसरी तरफ छात्रों ने विभागाध्यक्ष और दूसरे लोगों के खिलाफ उसके दिन 2 अप्रैल को मामला दर्ज कराया है। उन्होंने धारा- 354,323,294,506 और एसी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) के अंतर्गत प्रोफेसर डॉ गणेश दुबे और प्रोक्टर आर.ए शर्मा पर केस दर्ज करवाया है।

इस पूरे मामले पर जीवाजी यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर डॉ. संगीता शुक्ला ने कहा है कि उन्होंने मामले की जांच के लिए छह प्रोफेसरों की एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई है। इस मामले में उनकी जो भी सिफारिश आएगी उस पर कार्यवायी की जाएगी।

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