Sunday , June 25 2017
Home / Kashmir / कश्मीरी लड़की ‘दुआ’ का दिल्ली की सोमया के नाम ख़त, सिर्फ़ यह बताने के लिए कि हम तुमसे अलग नहीं हैं

कश्मीरी लड़की ‘दुआ’ का दिल्ली की सोमया के नाम ख़त, सिर्फ़ यह बताने के लिए कि हम तुमसे अलग नहीं हैं

कश्मीर घाटी में तनाव के माहौल में पलने बढ़ने वाली लड़कियों और भारत के बाकी हिस्सों में रहने वाली लड़कियों का जीवन कितना समान और कितना जुदा हो सकता है?

यही समझने के लिए घाटी में रहने वाली दुआ और दिल्ली की सोमया ने एक दूसरे को पत्र लिखे। सोमया और दुआ एक-दूसरे से कभी नहीं मिले है। उन्होंने एक दूसरे के जीवन को पिछले डेढ़ महीने के दौरान ख़तों के माध्यम से ही जाना है।

सोमया के नाम दुआ का पहला ख़त

प्यारी सोमया,

जमीं पर जन्नत करार दिए जाने वाली कश्मीर से प्यार भरा नमस्कार। मैं दुआ अलबरज़म हूँ। यह लंबा नाम है, तो तुम मुझे सिर्फ दुआ कह सकती हो।

मेरी उम्र 15 साल है और मैं भारत के अग्रणी स्कूलों में से एक प्रजेंटेशन कॉन्वेंट में पढ़ती हूँ। मैं एक मामूली लेकिन प्यारे परिवार की सीधी सादी लड़की हूँ।

मेरे छोटे से परिवार में मेरे हीरो – मेरे पापा (बाबा), मेरी प्यारी मां (मम्मा) और नौ साल का मेरा शैतान भाई (अवीन) हैं।
मेरी बहुत सहेलियां हैं जो मेरे जीवन में बहुत महत्व रखती हैं और उनमें मेरी सबसे करीबी दोस्त आयरा (छुटकी), फातिमा (फैटी) और लका (दी सरकीस्टिक वन) है।)

उन्हीं की वजह से मेरी स्कूल की जीवन बहुत मज़े की है।

तुम्हें भी जीवन में दोस्त होने का मतलब खूब मालूम होगा, तुम्हारी भी बहुत गहरी सहेलियां होंगी जो तुम्हें लगभग हर समय परेशान करती होंगी (मेरी सहेलियां तो मुझे छोड़ती ही नहीं)।

तुम कश्मीर के बारे में सोचती होगी। जैसा कि मैंने कहा कि यह पृथ्वी पर स्वर्ग है। हमारे यहां कड़ाके की ठंड और अच्छी खासी गर्मी पड़ती है।
ठंड इतनी तीव्र होती है कि सर्दियों के इन महीनों को चिल्ला कलां कहा जाता है।

हमारे यहाँ टहलने के लिए बहुत अच्छी और सुंदर स्थानें हैं। जैसे पहलगाम, सोनमर्ग, योसमर्ग और सर्दियों का राजा गुलमर्ग।
मैंने यह सब जगहें देख रखे हैं लेकिन इस साल पहली बार सर्दियों में गुलमर्ग को बर्फ से ढके हुए देखने का मौका मिला।

क्या आप अनुमान लगा सकते हो कि तुम्हारे आसपास तुमसे भी लंबा सात फीट की ऊंचाई तक बर्फ ही बर्फ और केवल बर्फ हो।
इस साल जम्मू-कश्मीर सरकार ने गुलमर्ग में कई विंटर खेल आयोजित किए। मैं तो नहीं लेकिन मेरा भाई अवीन खेलकूद में रुचि रखता है।

मैं हैरान रह गई जब वह इस साल स्केटिंग खेल में अव्वल आया, जबकि पिछले साल तक वह कहता था कि स्केटिंग बहुत उबाऊ खेल लगता है। तुम भी किसी खेल में रुचि रखती होगी? जानना चाहूंगी कि तुम कौन सा खेल खेलती हो।

जैसा कि मैंने कहा कि मैं एक सीधी सादी लड़की हूँ, सीधी सादी लड़की जिसे पढ़ना, लिखना, डांस करना, अपने छोटे भाई को परेशान करना और संगीत सुनना अच्छा लगता है।

संगीत की बात छिड़ी है तो बता दूँ कि मुझे संगीत का बहुत शौक है। आराम देने वाली वेस्टर्न और कश्मीरी संगीत, दोनों से बहुत प्रभावित हूँ।
जब तम्बकिनारी (एक प्रकार का ढोल) और नोट (स्टील के बर्तन जैसा उपकरण) जैसे संगीत उपकरण एक साथ बजते सुनती हूँ तो, पागलों की तरह झूम कर नृत्य करने के लिए दिल बेताब हो जाता है।

कभी गीतों के बोल दिल को छू जाते हैं और कई बार बहुत गुदगदाते हैं। (यकीन मानो अगर हास्य कश्मीरी गीत सुनोगी तो हंसते हंसते लोट-पोट हो जाओगी)

वेस्टर्न संगीत में मुझे पॉप, अल्टरनेटिव पॉप, रॉक और आर एंड बी पसंद है। वन डायरेक्शन (वैसे आजकल वह ब्रेक पर हैं), लिटिल मिक्स, जैन मलिक, सेलिना गोम्स और जस्टिन बिबर (मैं बहुत खुश हूँ कि वे भारत आए) जैसे कलाकार मेरे पसंदीदा कलाकार हैं।

तुम सोच रही होगी कि मैं कितनी पागल हूँ कि तुम अपने संगीत के शौक के बारे में इतना बता रही हूँ लेकिन मेरा मानना है कि मेरे संगीत की स्वाद तुम्हें मेरे बारे में बहुत कुछ बताएगी।

अपने खाली समय में गाती हूँ (जाहिर है पेशेवर की तरह नहीं …) लेकिन माँ के सामने जब भी गाती हूं वह मुझे चुप करा देती हैं। उनसे सहन नहीं होता (दरअसल किसी से भी नहीं)
अब तक बस इतना
दुआ

(ख़तों की यह श्रृंखला बीबीसी हिंदी की संवादाता दी वी आर्य ने तैयार की है)

Top Stories

TOPPOPULARRECENT