Wednesday , September 20 2017
Home / India / एमपी: M.A की किताब में गोंड जनजाति को बताया गाय का हत्यारा, विधानसभा में हंगामा

एमपी: M.A की किताब में गोंड जनजाति को बताया गाय का हत्यारा, विधानसभा में हंगामा

भोपाल। विधानसभा में बुधवार को एमए के संदर्भ ग्रंथ ‘भारत का भूगोल” में गोंड जनजाति पर की गई टिप्पणी को किताब को ब्लैक लिस्ट कर दिया। इसको मुद्दा बनाकर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। किताब में गोंड शब्द का अर्थ गोंडी भाषा में गाय मारने वाला तथा उसका मांस खाने वाला बताया है। इसे आदिवासी समाज के सम्मान से जोड़ते हुए विधायकों ने सरकार से माफी की मांग करते हुए नारेबाजी की।

 

 

विपक्ष के नेता अजय सिंह ने बुधवार को विधानसभा में यह मुद्दा उठाया कि यह आपत्तिजनक है कि पुस्तक गोंड समाज को गाय का हत्यारा कहती है। इस मामले को लेकर विधानसभा में जबरदस्त शोर-शराबा था जिसके चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। सिंह ने कहा कि यह एक जनजाति की छवि को धूमिल करने का प्रयास है और उन्होंन मुख्यमंत्री से जवाब तालाब किया।

 

 

विपक्ष ने भी मांग की कि पुस्तक से आपत्तिजनक सामग्री को हटा दिया जाए और पुस्तक को किसी भी पाठ्यक्रम से बाहर रखा जाए। शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने ये मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एमए के संदर्भ ग्रंथ के तौर पर भारत का भूगोल किताब छात्रों को बांटी जा रही है। इसमें गोंड शब्द का अर्थ गोंडी भाषा में गाय मारने और गाय मांस खाने वाला बताया गया है। इसको आदिवासी अस्मिता से जोड़ते हुए बाला बच्चन ने कहा कि ये अनुसूचित जनजाति वर्ग का अपमान है।

 

 

इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने कहा कि मैं गौंड जनजाति से हूं और किसी भी जनजाति के खिलाफ इस तरह की बात का आना ठीक नहीं है। मुकेश नायक ने कहा कि मुख्यमंत्री सदन में आकर वक्तव्य देंगे जो हम सुनने के लिए तैयार हैं।

 

 

उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह ने बचाव में कहा कि यह किताब एक निजी प्रकाशक द्वारा छापी गई थी और मध्य प्रदेश सरकार के साथ इसके लिए कुछ नहीं था। मंत्री ने कहा कि मामले के संबंध में जबलपुर के महाकोशल कॉलेज के प्रिंसिपल और खरीद अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

TOPPOPULARRECENT