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गुलाम मोहम्मद की हत्या के बाद ‘हिन्दू युवा वाहिनी’ के डर से गाँव छोड़ना चाहते हैं मुस्लिम परिवार

बुलंदशहर: गुलाम मोहम्मद की हत्या के बाद से सोही गांव के मुस्लिम परिवार दहशत में हैं। गांव में चार ही मुस्लिम परिवार हैं जो इस घटना के बाद से खुद को असुरक्षित मेहसूस कर रहे हैं।

गुलाम मोहम्मद की हत्या का आरोप हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं पर है। हिंदु युवा वाहिनी ने गुलाम मोहम्मद पर आरोप लगाया था कि उन्होंने मुस्लिम लड़के और उसकी हिंदू प्रेमिका को भगाने में मदद की है। इसी शक में युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने गुलाम मोहम्मद को मौत के घाट उतार दिया था।

सालों से गांवों में बेख़़ौफ़ रहने वाला गुलाम मोहम्मद का परिवार अब दहशत में है। उनका यक़ीन टूट गया है। गुलाम मोहम्मद के बेटे यासीन ने कहा कि हम गांव में घुटन मेहसूस कर रहे हैं। अब यहां से बाहर निकलने को तैयार है।

इसी तरह का डर यासीन के चाचा के ज़हन में भी है। हिंदू युवा वाहिनी के हमले के बाद से दहशत में आए परिवार के दूसरे पुरुष भूमिगत हो गए हैं।

यासीन ने कहा कि हम मजदूर हैं। इस तरह के भय में अपनी आजीविका कैसे चला सकते हैं? यासीन सवाल करते हैं कि, “कब तक पुलिस हमारी रक्षा कर सकती है अगर किसी ने हमें नुकसान पहुंचाया तो ?”

चार मुस्लिम परिवार पीढ़ियों तक ठाकुर-दलित गांव में रह रहे हैं। उनके हिंदू पड़ोसियों ने हमेशा उनकी देखभाल की है, लेकिन मोहम्मद की हत्या ने इन परिवारों के यक़ीन को तोड़ दिया है। गुलाम मोहम्मद के दूसरे बेटे वकील ने पिता के गविंद्र और पांच अन्य युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं पर हत्या का आरोप लगाया है।

यासीन ने बताया कि मुख्य आरोपी गवेंद्र सोहई गांव के रहने वाला है। गवेंद्र और उसके साथी मुसलमान परिवारों को पहले भी धमकी दे चुके थे। इस धमकी के बारे में यासीन ने पहसु पुलिस और गांव प्रधान के पति अरुण प्रताप को बताया था लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

हालांकि प्रताप ने दावा किया है कि गुलाम मोहम्मद की हत्या के बाद भी दोनों समुदायों में सद्भाव है। पूरे गांव ने मंगलवार को गुलाम मोहम्मद की मिट्टी में हिस्सा भी लिया था।

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