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”अब मैं कभी सेवा काम नहीं करूंगा”- हिंसक भीड़ का शिकार हुए सिख सेवादार ने कहा

हम विनती करते रहे लेकिन वो हमें बेरहमी से पीटते रहे,हम समझ नहीं पा रहे थे गांववालों ने हमें क्यों पीटा । अब हम कभी किसी की मदद नहीं करेंगे,कभी कोई धर्मार्थ काम नहीं करेंगे ।
दर्द और तकलीफ़ से भरे ये लफ्ज़ हैं 54 साल के निर्मल सिंह के । 24 मई को सेवादार निर्मल सिंह और उनके तीन साथियों को राजस्थान के जैनपुरा गांव में भीड़ ने बच्चा चोर कहकर बेरहमी से पीटा था ।इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में घटना की निंदा हुई थी ।

निर्मल सिंह का कहना है कि वो और उनके साथी दान लेने के लिए गांव गए थे लेकिन वहां वो हिंसक भीड़ के हत्थे चढ़ गए । निर्मल सिंह कहते हैं कि धर्म और सेवा का ऐसा सिला उन्हें मिला है कि अब वो कभी सेवा का काम नहीं करेंगे ।

निर्मल सिंह कहते हैं कि “मेरे दो परिचितों, हरपाल और कुलदीप सिंह, अन्नक्षेत्र नाम की संस्था के लिए दान लेने गांव पहुंचे थे । हम गरीबों को सेवा देने के लिए घरों से चावल एकत्र करने के लिए गांव गए। एक सामान्य नियम के रूप में, हमने पैसे नहीं मांगे, “उन्होंने कहा।

निर्मल सिंह अभी भी समझ पा रहे हैं कि ग्रामीणों के व्यवहार में ये बदवाल क्यों आया है । “पहले कुछ दिनों के दौरान, ग्रामीणों बहुत मददगार थे और हमने चावल की ज़रूरी मात्रा एकत्र की थी लेकिन 3 दिन अचानक हमने देखा कि चेनपुरा जाने के बाद सामान्य हालात बिल्कुल अलग थे ”

निर्मल सिंह कहते हैं कि लोगों ने हमें भीड़ में घसीटा और मारपीट करने लगे, हमने वहां मौजूद एक पुलिसवाले को लोगों से कहते सुना कि इनके चेहरे पर मत मारो, शरीर के दूसरे हिस्से में मारो। मारपीट के बाद जब पुलिस आई तो हमें पुलिस स्टेशन ले गए तब तक हम गंभीर रुप से घायल हो चुके थे

इस घटना के बाद से निर्मल सिंह सदमें में हैं। वो कहते हैं कि “मैं कभी भी फिर से दान के लिए कोशिश नहीं करेंगे, हम लोगों का अच्छा करने गए थे लेकिन इसस हुआ क्या । शास्त्रों में लिखा है कि लोगों को मदद करने के लिए बताओ लेकिन हकीक़त इसके उलट है ।
निर्मल सिंह का परिवार इस घटना के बाद से बेहद डरा हुआ है। उनके बेटे गोल्डी सिंह कहते हैं कि “हम अपने पिता को अब धर्मार्थ काम के लिए नहीं जाने देंगे। एक बार वह अजमेर से वापस आ गए हैं , हम उनकी चोटें देखकर सदमें में थे, हम समझ नहीं पा रहे थे कि किसी व्यक्ति की मदद करने पर बुज़ुर्ग व्यक्ति पर हमला क्यों किया जाता है ।

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