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BJP नेता ने धौंस दिखाकर कराया ट्रांसफर, तंग आकर अफ़सर ने छोड़ दी नौकरी

इटावा: उत्तर प्रदेश मे योगी सरकार के आते ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की दबंगई देखने को लगातार मिल रही है। बीजेपी के विधायक,सासंद,मंत्री से लेकर छोटा कार्यकर्ता तक प्रशासनिक अधिकारियों पर आंखे तरेर रहा है।

ताज़ा मामला इटावा का है । जहां ज़िले के समाज कल्याण अधिकारी शिवकुमार का इस्तीफा भी भाजपा नेता के उत्पीड़न की वजह से माना जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए अधिकारी ने इस बात की तस्दीक भी की है।

समाजवादी सरकार में भी अधिकारियों को धमकाया जाता था और अब वही हाल बीजेपी के शासन में है। योगी सरकार में भी भाजपा नेताओं द्वारा अफसरों पर मनमाफिक काम ना करने के एवज ना केवल धमका जा रहा है बल्कि तबादले की भी धमकी दी जा रही है।

समाज कल्याण अधिकारी के तौर पर तैनात शिवकुमार ने अपने पद और सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया गया है। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे में किसी पर कोई आरोप न लगाकर इसे व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया है। लेकिन राजनीतिक दबाव की बात वो ज़रूर मानते हैं।


शिवकुमार ने बताया कि 4 मई को जैसे ही ताखा ब्लाक में तैनात सहायक विकास अधिकारी प्रशांत तिवारी का तबादला चकरनगर के लिए किया गया साथ ही एक का तबादला महेवा से ताखा किया गया। वैसे ही भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे का फोन प्रशांत तिवारी के लिए आता है कि उसका तबादला निरस्त कर दें या फिर उसको बसरेहर ब्लाक में कर दें। इंकार करने पर भाजपा नेता द्वारा धमकाया जाने लगा कि उनका भी तबादला हो सकता है।

शिव कुमार ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष की धमकी का असर यह हुआ कि एक जून का उनका तबादला चित्रकूट के लिए कर दिया गया है। इस तरह की प्रवृति मन बड़ा ही कुंठित हो चला है इसलिए तय किया कि अब सरकारी सेवा में नहीं रहेंगे और रिसर्च करके अपना भरण पोषण करेंगे।

उन्होने बताया कि चार साल की सर्विस में मुरादाबाद के बाद ललितपुर, हमीरपुर, औरैया, इटावा के बाद अब चित्रकूट में तैनात कर दी गई। आरोप लगाते हुए शिवकुमार ने कहाकि तीन साल तैनात की सरकारी शासनादेश है उसके बावजूद इन शासनादेशों की धज्जियं खुलेआम उड़ाई जा रही हैं। यह सब सत्तासीन प्रभावी नेताओं के इशारे पर किया जा रहा है। ऐसे माहौल मे काम करने का कोई औचित्य ही नहीं बनता है।

समाज कल्याण अधिकारी शिवकुमार ने कहा कि योगी सरकार से भी ऐसी उम्मीद नहीं थी लेकिन शासनादेश की बात को अनसुना कर दिया गया। इसलिए फिर सरकारी सेवा मे रहने का कोई मतलब नही रह जाता है। जबकि योगी सरकार आते ही जनता के लिए खुलकर काम करने की उम्मीद जगी थी।

भाजपा के प्रवक्ता जितेंद्र गौड ने भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर से सफाई देते हुए समाज कल्याण अधिकारी के सभी आरोपों को सिरे से ना करार दिया। उन्होंने बताया कि दुबे जी पर समाज कल्याण अधिकारी बदनाम करने के लिए आरोप लगा रहे हैं।

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