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भीड़ के हाथों मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देना चाहती थी अल्‍पसंख्‍यक समिति, लेकिन मुख़्तार अब्बास नहीं मानें

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी को नहीं लगता है कि देश में अल्पसंख्यकों में असुरक्षा और डर की भावना है । दरअसल भीड़ की बर्बरता के शिकार बने लोगों को संसदीय अल्पसंख्यक सलाहकार समिति के 6 सदस्‍य श्रद्धांजलि देना चाहती थी, मगर केंद्रीय मंत्री सहमत नहीं हुए।

एएनआई के अनुसार, बीफ खाने के शक में ट्रेन में जुनैद की हत्‍या से लेकर देश के अलग-अलग हिस्‍सों में हुईं घटनाओं पर संसदीय समिति श्रद्धांजलि देना चाहती थी। समिति के 6 सदस्‍यों ने इसकी इच्‍छा जाहिर की मगर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी इसपर सहमत नहीं हुए।

नकवी के इस फ़ैसले के बाद उन 6 सदस्‍यों ने संसद परिसर में हुई बैठक का बहिष्‍कार कर दिया। नकवी ने गुरुवार को इस बात को खारिज कर दिया कि देश के अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना पनपी है।

नकवी ने एक कार्यक्रम में कहा, “मुझे नहीं लगता कि अल्पसंख्यकों में डर या असुरक्षा की भावना है।” उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में स्वघोषित गो-रक्षकों द्वारा की जा रही हिंसा की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए कहा, “लेकिन जो कुछ भी हो रहा है, चाहे व आपराधिक कृत्य हो या आपराधिक साजिश, उसे किसी भी तरह से न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता।” मंत्री ने कहा, “हम उन्नति के साथ विश्वास के माहौल को बढ़ावा देते हुए आगे बढ़ना चाहते हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गुजरात में गौरक्षा के नाम पर हो रही हत्‍याओं को लेकर चुप्‍पी तोड़ी। मोदी ने गुरुवार को कहा कि गौ-भक्ति के नाम पर लोगों की हत्या स्वीकार नहीं की जा सकती। साबरमती आश्रम मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “समाज में हिंसा की कोई जगह नहीं है।

गौ-भक्ति के नाम पर लोगों की हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी। महात्मा गांधी आज होते तो इसके खिलाफ होते।” मोदी ने कहा कि किसी ने भी महात्मा गांधी व आचार्य विनोबा भावे से अधिक गाय सुरक्षा के बारे में बात नहीं की है। उन्होंने कहा, “हां, यह किया जाना चाहिए। लेकिन हमारा देश अहिंसा की भूमि है। यह महात्मा गांधी की भूमि है। हम यह क्यों भूल जाते हैं।”

गो-रक्षा के नाम पर लोगों पर बढ़ते हुए हमलों का साफ तौर पर जिक्र करते हुए मोदी कहा, “आज मैं कुछ शब्द कहना चाहता हूं और कुछ चल रही चीजों पर दुख प्रकट करता हूं।” उन्होंने कहा, “हिंसा से कभी किसी समस्या का समाधान न हुआ है और न होगा।

इस देश में किसी व्यक्ति को कानून को अपने हाथों में लेने का अधिकार नहीं है।” मोदा ने कहा, “आइए हम सभी मिलकर काम करें व महात्मा गांधी के सपनों का भारत बनाएं। हम एक ऐसे भारत का निर्माण करें जिस पर हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को गर्व हो।”

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