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क्या बुलावे पर ‘देवबंद’ जाएंगे पीएम मोदी ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जमीयत उलमा ए हिंद के एक प्रतिनिधि मंडल ने देवबंद आने का न्योता दिया है। इस बुलावे ने सबको हैरान किया है, सवाल उठ रहा है कि क्या देवबंदी उलमा की सोच पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर बदली है, हालांकि जमीयत उलमा ए हिंद के ही मौलाना अरशद मदनी गुट के उलमा इस पर चुप्पी साधे हैं, लेकिन महासचिव महमूद मदनी गुट की इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया हैं।
सहारनपुर में साल 2010 में नरेंद्र मोदी की तारीफ करने पर दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम को अपना पद गंवाना पड़ा था लेकिन अब खुद देवबंद से पीएम को बुलावा आया है ।
बुधवार को जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष कारी उस्मान मंसूरपुरी और महासचिव मौलाना महमूद मदनी के नेतृत्व में 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीएम मोदी से मिला था । करीब दो घंटे की मुलाकात में तीन तलाक, गोरक्षा के नाम पर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार सहित अन्य मुद्दों पर पीएम से चर्चा की गई थी। इस दौरान ही उन्हें देवबंद आने का न्यौता दिया गया है ।
पीएम मोदी ने हल्की मुस्कान के साथ इसपर खुशी का इजहार कर स्वीकृति का संदेश भी दिया। गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान नरेंद्र मोदी परोक्ष रूप से कई बार दारुल उलूम और जमीयत उलेमा-ए- हिंद पीएम मोदी पर निशाना साध चुके हैं।

केन्द्र में भाजपा सरकार बनने के बाद केन्द्र सरकार की कई योजनाओं और घोषणाओं का दारुल उलूम और उलमाओं ने मजबूती के साथ विरोध भी किया। मदरसों के आधुनिकीकरण, योग, सूर्य नमस्कार सहित कई मुद्दों पर देवबंद से तीखी प्रतिक्रियाएं भी आई है । ऐसे में जमीयत का पीएम को दिया गया न्यौता सबको चौंका रहा है।

जमीयत उलेमा ए हिंद महमूद मदनी गुट के कोषाध्यक्ष हसीब सिद्दीकी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दावत देने के पीछे कोई खास मकसद नहीं है । हमारे बुलाने पर पीएम अगर आते हैं तो देवबंद के डेवलपमेंट की बात उनसे की जाएगी।

उधर, जमीयत उलेमा-ए हिंद अरशद मदनी गुट के प्रेस सचिव फजलुर्रहमान का कहना है कि ना तो हमने पीएम को बुलाया है और नहीं कुछ बता सकते हैं। प्रधानमंत्री के देवबंद आने पर इस्तकबाल कौन करेगा यह वहीं बता सकता है जिन्होंने उनको बुलाया होगा।

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