Tuesday , September 26 2017
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VIDEO: होली-दिवाली पर भाजपा सभी पत्रकारों को बुलाती है, सिर्फ़ मैं ही छूट जाता हूं- रवीश कुमार

एक बार फिर पत्रकार रवीश कुमार ने मीडिया और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। रवीश ने कहा कि जहां भी चुनाव होता है टेलीविजन मिसाइल की तरह सरकार की तरफ से मुड़ जाते हैं। रवीश कुमार सद्भावना पर्वः 8 में बोल रहे थे।

रवीश के भाषण का अंश यूट्यूब पर अब तक सवा लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। वीडियो में रवीश कुमार कह रहे हैं, “लोकतंत्र की बात करती है भारतीय जनता पार्टी, एक साल से प्रवक्ताओं को मेरे कार्यक्रम में भेजना बंद कर दिया है।

मैं हमेशा कहता हूं कि ये मुझसे क्यों डरते हैं? मेरे पास न जीवन का अंतिम सत्य है, न ही इस सरकार का अंतिम सत्य है…मैं तो यात्री हूं, मुझसे क्यों डरते हैं आप….आप दिवाली-होली मनाते हैं और पूरी दिल्ली के पत्रकारों को बुलाते हैं एक ही मैं छूट जाता हूं…इसका एक मतलब है कि आप हिंदुस्तान को नहीं जानते हैं।

रवीश कहते हैं कि आपकी चारदिवारी के भीतर जितनी बड़ी होली और दिवाली नहीं मनती है उससे लाखों गुना बड़ी होली और दिवाली आपकी चारदिवारी के बाहर मनती है। तो आप आइसोलेट करने का गेम करते हैं, मत कीजिए। अपोजिशन वाले भी यही करते हैं, चुनकर दूसरे किसी की पार्टी में नहीं जाते हैं।”

रवीश ने पत्रकारों के बीच राजनीतिक विचार के आधार पर आपसी रिश्ते तल्ख होने का भी मुद्दा उठाया। रवीश कुमार ने कहा, “मीडिया हमेशा नफरत के वातारण में रखना चाहता है, वो चाहता है कि ये जो तल्खी है, नफरत है किसी न किसी के खिलाफ बनी रही, क्योंकि एक बार वो बन गई तो उसका कभी भी इस्तेमाल कर सकते हैं। उसका सिखों के खिलाफ, रवीश कुमार के खिलाफ, महात्मा गांधी के खिलाफ कर सकते हैं।

प्रणय रॉय के घर-दफ्तर पर छापे के बाद रवीश कुमार ने आम दर्शकों से की अपील- लड़ाई का कुछ फर्ज आप भी अदा कीजिए । रवीश कुमार ने प्रणय रॉय के घर सीबीआई रेड का क‍िया व‍िरोध, ल‍िखा- म‍िटाने की इतनी ही खुशी है तो क‍िसी द‍िन आमने-सामने होइएगा ।

रवीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा। रवीश ने कहा, “मैं भी एक लीला देख रहा हूं, जिस वक्त आप अपने आप को सर्वशक्तिशाली होने के क्षण में महसूस कर रहे हैं उसी वक्त में एक मामूली पत्रकार से आप डरे हुए हैं…मैं दूर से देख रहा हूं कि दरअसल आपके पास सत्ता है लेकिन ताकत नहीं है…दरोगा और इनकम टैक्स के आधार पर बहुतों को डराया जा सकता है….लेकिन उस डर का आप क्या करेंगे जिससे आप खुद डरे हुए हैं।”

रवीश कुमार ने अपने संबोधन में वृंदावन से जुड़े एक व्यक्ति से जुड़ा अनुभव साझा किया। रवीश के अनुसार उन्होंने उस व्यक्ति से पूछा कि आप मुझसे इतना क्यों चिढ़ते हैं तो उसने कहा कि क्योंकि आप सनातनी नहीं हैं। रवीश के अनुसार इस पर उन्होंने कहा, “मैं सनातनी हूं, तनातनी नहीं हूं।” बड़ा अच्छा देश है, भाषण के अंत में रवीश ने कहा, “मैं मोदी जी का भी उतना ही सम्मान करता हूं, लेकिन उससे ज्यादा हिंदुस्तान का करता हूं।”

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