Sunday , May 28 2017
Home / India / इस्लामिक बैंकिंग की इजाज़त अभी नहीं दी जा सकती: RBI

इस्लामिक बैंकिंग की इजाज़त अभी नहीं दी जा सकती: RBI

नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह जानकारी दी है कि भारत में शरिया या ब्याज मुक्त बैंकिंग आरंभ करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की है। इस्लाम धर्म में ब्याज लेने और देने पर पाबन्दी है इस्लामिक या शरिया बैंकिंग ऐसी वित्तीय व्यवस्था में जो ब्याज नहीं लेने के सिद्धान्तों पर आधारित है।

रिजर्व बैंक ने इससे पहले परंपरागत बैंकों में ‘शरिया खिड़की’ खोलने के प्रस्ताव का विरोध किया था। सूचना के अधिकार के आवेदन के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने अभी बैंकों में इस्लामिक खिड़की खोलने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है, इस कदम से भारत में शरिया अनुपालन वाली ब्याज मुक्त बैंकिंग की धीरे-धीरे शुरुआत होगी।

केंद्रीय बैंक ने पीटीआई द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में कहा कि रिजर्व बैंक ने ब्याज मुक्त बैंकिंग शुरू करने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की है। हालांकि केंद्र सरकार के निर्देश पर रिजर्व बैंक में एक अंतर विभागीय समूह स्थापित किया गया है, जिसने देश में ब्याज मुक्त बैंकिंग शुरू करने के कानूनी, तकनीकी और नियामकीय पहलुओं की समीक्षा करने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है।

रिजर्व बैंक ने पिछले साल फरवरी में आईडीजी की कॉपी वित्त मंत्रालय को सौंपी है, केंद्रीय बैंक ने वित्त मंत्रालय को पत्र में कहा है कि हमारा मानना है कि इस्लामिक वित्त और विभिन्न नियामकीय और निगरानी से संबंधित चुनौतियों को भारतीय बैंकों के पास इस क्षेत्र का अनुभव नहीं होने के कारण देश में इस्लामिक बैंकिंग को धीरे-धीरे शुरू किया जाना चाहिए।

Top Stories

TOPPOPULARRECENT