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यादों में खोई नजीब की मां : जरूर वापस आएगा मेरा बेटा

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नजीब अहमद को लापता हुए आठ महीने हो रहे हैं और सरकार कुछ नहीं कर रही है। नजीब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों की मारपीट के बाद से पिछले साल 15 अक्टूबर से जेएनयू हॉस्टल से लापता है। उनकी मां, फातिमा नफ़ीस ने सरकार से कहा कि वह उसके बेटे को वापस लौटाए।

 

 

‘मेरा बेटा सरल, ईमानदार, शांत स्वभाव का था, कभी किसी के साथ उसने झगड़ा नहीं किया जबकि उसके दूसरे दो भाई मुजीब और हसीब शरारती थे। बेटे के बचपन को याद करते हुए फातिमा नफ़ीस कहती हैं कि अब वे सभी बड़े हो चुके हैं, वे ईमानदार हैं और लोगों को झूठ या धोखा देने के बारे में कभी नहीं सीखा।
अपने लापता बेटे की यादों में खोई नजीब की मां कहती हैं कि नजीब बहुत दयालु बच्चा था। वह बहन के नहीं दिखने के कारण स्कूल में रोता था। अब उसके नहीं होने से दो छोटे भाई और बहन दुखी हैं। जब भी मैं उससे पूंछती कि भोजन के लिए क्या चाहते हो तो उसने कभी शिकायत नहीं की।

 

 

जब कभी कबाब, कोफ्ते, बिरयानी जैसे पसंदीदा व्यंजन बना दिए, तो नजीब के लिए थोड़ा अतिरिक्त छिपा देती। उसकी बहन हमेशा शिकायत करती कि आप हमारे से ज्यादा नजीब भाई से प्यार करते हैं। नजीब ने अपने जीवन में कभी भी कोई मांग नहीं की। वह कहता था कि एक बार अपनी पढ़ाई पूरी जाए फिर मैं आपके सपने पूरे करूंगा। बरेली में उनके व्याख्याताओं ने हमेशा उसे प्रेरित किया।

 

 

वह एक बहुत अध्ययनशील छात्र था। उनके भाई मुजीब ने नए कपड़े और कुछ पैसे देकर विश्वविद्यालय में भर्ती कराया था। उन दिनों की याद करते हुए वह रोती हैं और कहती हैं कि जब नजीब ने कहा ‘जेएनयू में प्रवेश के बाद मैं नए कपड़े खरीदूँगा, नया जूते खरीदूँगा’।

 

 

वह उन कपड़ों में एक हफ्ते के बाद घर आया था। उसने दो दिन रहने का अनुरोध किया, लेकिन 13 अक्टूबर को कहा, ‘मुझे अपनी छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए इस सेमेस्टर के लिए कड़ी मेहनत करनी है। वह कहती हैं, ‘मेरा जीवन मेरे बेटे के साथ जुड़ा हुआ है अगर उसके साथ कुछ होता है तो मुझे भी चोट लगेगी और मुझे विश्वास है कि अल्लाह मेरी प्रार्थनाओं को सुनकर मुझे मेरा बेटा वापस भेज देंगे।

 

 

वह कहती हैं कि किसी भी माँ को ऐसा दर्द नहीं मिलना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि मेरा बेटा मेरे पास वापस आएगा। वह रोती है और नजीब को को याद करती है कि वह मेरी जिंदगी का आनंद है। एक माँ असहाय तौर पर सरकार से उसके बेटे को वापस लौटाने के लिए कह रही है जो पिछले 8 महीनों से लापता है।

 

 

 

वह उसकी वापसी के लिए इंतजार कर रही है। किसी भी परिस्थिति में एक मां का दिल कभी भी उम्मीद नहीं छोड़ती, वह अभी भी अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए आशान्वित है।

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