Wednesday , September 20 2017
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बाबरी विध्वंस: आडवाणी, उमा समेत 13 नेताओं पर चल सकता है केस, सुनवाई कल

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी है। आज लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी समेत भाजपा-विहिप के 13 नेताओं को टेक्निकल बेस पर राहत दिया जाए या नहीं की सुनवाई होनी थी।

इससे पहले अदालत ने कहा था कि हम टेक्निकल ग्राउंड पर राहत देना मंजूर नहीं कर सकते। इस मामले में सप्लिमेंट्री चार्जशीट को मंजूरी देते हैं।

जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस आरएफ नरीमन की बेंच ने सीबीआई और हाजी महबूब अहमद की पिटीशन पर सुनवाई करते हुए पूछा था कि क्या दोनों मामलों को एक साथ ट्रायल नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा था कि क्यों न रायबरेली वाले मामले को लखनऊ ट्रांसफर कर दिया जाए?

दरअसल इस मामले में कारसेवकों के खिलाफ मुख्य मामला लखनऊ ट्रायल कोर्ट में चल रहा है। और बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, भाजापा नेता मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत भाजपा व विहिप के 13 नेताओं पर आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया था।

लेकिन बाद में रायबरेली की नीचली अदालत ने उन सभी पर आरोप हटाने का आदेश दिया था। उसके बाद साल 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी रायबरेली के नीचली अदालत के इस फैसले को बरकरार रखा था।

इसी फैसले को लेकर सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करने की मांग की है। सितंबर 2015 को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि एजेंसी के फैसले किसी से प्रभावित नहीं होते। भाजपा नेताओं के खिलाफ क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी के चार्ज सीबीआई के कहने पर नहीं हटाए गए। सीबीआई के फैसले पूरी तरह स्वतंत्र होते हैं।

उसके बाद सीबीआई ने यह भी कहा था कि एजेंसी के सभी फैसले तथ्यों और कानून को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। इस बात का सवाल ही नहीं उठता कि कोई व्यक्ति या संस्था एजेंसी के फैसलों को प्रभावित कर सके।

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