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RTI से ख़ुलासा, सिर्फ 13 फीसदी दलित-पिछड़े केन्द्रीय मंत्रालयों में उच्च पदों पर

उत्तर प्रदेश समेत पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले आरक्षण का जिन्न तब एक फिर बाहर निकल आया है। हाल ही में आरएसएस के प्रचार प्रमुख ने आरक्षण पर अपना बयान दिया। यह मु्द्दा इसलिए भी और प्रासंगिक हो जाता है क्योंकि आरटीआई से बेहद चौंकाने वाली जानकारी मिली है। केन्द्रीय मंत्रालयों में अवर सचिव से लेकर सचिव स्तर तक सिर्फ 5.40 फीसदी पिछड़ा और 8.63 फीसदी अनुसूचित जाति वर्ग के लोग ही पहुंच पाए हैं। जबकि सामान्य वर्ग से करीब 82 फीसदी अफसर इन पदों पर कार्यरत हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता महेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) में सामान्य, पिछड़ा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति वर्ग के ग्रुप ए अफसरों की संख्या की जानकारी मांगी थी। सितंबर 2016 में डीओपीटी ने केन्द्रीय मंत्रालय के अवर सचिव (अंडर सेक्रेटरी), उप निदेशक (डिप्टी सेक्रेटरी), निदेशक (डायरेक्टर), संयुक्त सचिव (ज्वाइंट सेक्रेटरी), अतिरिक्त सचिव (एडिशनल सेक्रेटरी) और सचिव (सेक्रेटरी) या इसके समकक्ष पदों की सूची आरटीआई के जवाब में दी।

आरटीआई दस्तावेजों के मुताबिक ओबीसी वर्ग का एक भी अफसर केन्द्रीय मंत्रालयों के सबसे बड़े पद सचिव व अतिरिक्ट सचिव नहीं है। जबकि सचिव पद पर सामान्य वर्ग के 110 , और एससी वर्ग के सिर्फ दो अफसर ही कार्यरत हैं। वहीं अतिरिक्त सचिव पद पर106 अफसर सामान्य, पांच-पांच अफसर एससी और एसटी वर्ग के अफसर हैं। उधर, अवर सचिव स्तर के पदों पर 184 अफसर सामान्य वर्ग, सिर्फ अफसर ओबीसी वर्ग, 22 अफसर एससी वर्ग और 19 अफसर एसटी वर्ग के अफसर कार्यरत हैं।

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