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बीजेपी शासित MP में व्यापम के बाद अब स्टेनो घोटाला, 600 लोगों के खिलाफ़ पक्के सबूत

बीजेपी शासित मध्यप्रदेश में व्यापम के बाद एक और बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है । एसटीएफ ने टायपिंग-स्टेनो घोटाले में 600 लोगों के खिलाफ फर्जीवाड़े के सबूत मिले हैं। साल 2013 में परीक्षा में पैसे लेकर टायपिंग-स्टेनो पास करवाने के मामले की जांच कर रही STF ने सभी संदिग्ध 2946 अभ्यर्थियों व अन्य आरोपियों से पूछताछ पूरी कर ली है।

पूछताछ में 600 लोगों के खिलाफ पक्के सबूत मिले हैं, जिसके बाद अब सभी की गिरफ्तारियां शुरू होंगी. व्यापमं के बाद मप्र में यह दूसरा बड़ा घोटाला है जिसमें इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने पैसे देकर परीक्षा पास की है ।

अखबारों में छपी खबरों के मुताबिक एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि जिन अभ्यर्थियों से पैसे लिए गए उन्हें पास करने के लिए परीक्षा हॉल में ही खास मार्किंग कर दी जाती थी. इसमें उनकी कॉपी पर तीन स्टेपल किए जाते थे, जो इस बात के निशानी थे कि इस अभ्यर्थी को पास करना है।

धांधली ऐसी हुई कि जिन अभ्यर्थियों से पैसे लिए गए उनसे कहा गया कि जितना आए उतना ही टाइप कर देना. वहीं यह भी कहा गया था कि कॉपी खाली छोड़ कर भी आओगे, तब भी पास हो जाओगे. बोर्ड ने यह कॉपियां टायपिंग इंस्टीट्यूट से भी चैक करवाई थी. जहां इन अधूरी कॉपियों में टायपिंग करवाकर पास किया गया.

सूत्रों के मुताबिक बोर्ड ने जो कॉपियां बाहर से चैक करवाई और जिनमें धांधलियां हुई, उन कॉपियों में टायपिंग का पूरा पेपर ही लिख दिया गया, जिससे फर्जीवाड़ा अलग से समझ आ गया. पेपर में पहले, दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें मिनट में की जाने वाले टायपिंग लिखी थीं, लेकिन नकल करते समय जो कॉपियां बाद में भरी गईं, उसमें यह नंबर भी लिख दिए गए. जबकि मूल कॉपी में ऐसा करने का कोई प्रावधान ही नहीं था.

14 अप्रैल और 21 अप्रैल 2013 को अंग्रेजी शॉर्ट हैंड और हिंदी टायपिंग की परीक्षा ऑफलाइन होने वाली आखिरी परीक्षा थी, इसलिए इसमें जमकर फर्जीवाड़ा हुआ. धांधली ऐसी भी हुई, जिसमें पुनर्मूल्यांकन करने के दौरान भी फेल अभ्यर्थियों को पैसा लेकर पास करवा दिया गया.

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