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‘अरब दुनिया की हिफाज़त के लिए क़तर से रिश्ता तोड़ना ज़रुरी था’

Muslim worshippers walk in the courtyard of Al-Azhar Mosque before Friday afternoon prayers, in the Islamic Cairo neighborhood after Friday noon prayers in Cairo, Egypt, Friday, June 5, 2015. (AP Photo/Mosa'ab Elshamy)

मिस्र की ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान जामिया अल अजहर ने अरब की ओर से कतर के साथ संबंध तोड़ने का स्वागत किया है और कहा है कि अरब देशों के गठबंधन और स्थिरता के लिए यह कदम जरूरी था।

अल अरबिया डॉट नेट के अनुसार, जामिया अल अजहर ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा है कि वह पिछले कुछ दिनों के दौरान इस क्षेत्र में होने वाली प्रगति पर गहरी नजर रखे हुए है। उसने अरब देशों की ओर से क़तर के साथ संबंध तोड़ने के निर्णय का समर्थन किया है।

जामिया अल अजहर ने बयान में उम्मीद जताई है कि विरोधी सरकारों और प्रणालियों से अरब क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए संभावित खतरे का मुकाबला करने के लिए प्रयास दोगुना किया जाएगा और इस संबंध में कोई लापरवाही नहीं की जायेगी।

गौरतलब है कि क़तर के क्षेत्र में आक्रामक नीतियों के प्रतिक्रिया में सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने संयुक्त रूप से इस खाड़ी राज्य के साथ राजनयिक, व्यावसायिक और राजनीतिक संबंध तोड़ लिए हैं और परिवहन लिंक भी बंद कर दिया है। उनके बाद यमन, लीबिया सरकार और मालदीव ने भी क़तर के साथ राजनयिक संबंधों को तोड़ लिए हैं।

 

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