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मालेगांव महापौर चुनाव : कांग्रेस ने एनसीपी को दरकिनार कर शिवसेना से किया समझौता

Shaikh Rasheed of Congress with Sakharam Ghodke and other Shiv Sena leaders while filing nomination papers for Malegaon Mayor and Deputy elections on Thursday June 08, 2017

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को दरकिनार कर कांग्रेस ने मालेगांव में होने वाले महापौर चुनाव के लिए शिवसेना के साथ समझौता किया है जिससे वह अगले पांच साल तक मालेगांव नगर निगम पर शासन करेगी।

 

 

स्थानीय कांग्रेस प्रवक्ता अब्दुल हलीम सिद्दीकी के अनुसार, शिवसेना कांग्रेस के महापौर पद के उम्मीदवार शेख रशीद की वापसी के लिए सहमत हो गई है और इसके बदले में शिव सेना के सखाराम घोडके का उपमहापौर पद के लिए समर्थन करेगी।

 

 

 

उन्होंने कहा, शेख रशीद और सखाराम घोडके ने दोनों पक्षों के बीच समझौते को अंतिम रूप देने के बाद महापौर और उप-महापौर चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दो बार विधायक रहे शेख रशीद स्थानीय कांग्रेस अध्यक्ष हैं और सखारम घोडके पूर्व कांग्रेस नेता हैं, जो साल 2017 में मालेगांव एमएमसी चुनाव से पहले शिवसेना में शामिल हुए हैं।

 

 

 

मालेगांव के महापौर और उप महापौर का चुनाव बुधवार, 14 जून को होगा। शुक्रवार 9 जून नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए आखिरी दिन था। 24 मई को हुए मालेगांव नगर निगम चुनाव में कांग्रेस पार्टी 28 सीटों पर जीत हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।

 

 

शिवसेना को 13 सीट जबकि एनसीपी/जनता दल ने 27 सीटें जीतीं। भाजपा और अखिल भारतीय मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने क्रमशः 09 और 07 सीटें जीतीं। चूंकि 84 सदस्यीय मालेगांव नगर निगम में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था इसलिए अटकलें थीं कि कांग्रेस और एनसीपी पूर्व की तरह गठजोड़ करेंगे।

 

 

एनसीपी के सूत्रों के मुताबिक पार्टी प्रमुख शरद पवार भी मालेगांव में कांग्रेस-एनसीपी गठजोड़ के पक्ष में थे। एनसीपी नेता मुफ्ती इस्माइल ने पहले दो मौकों पर कांग्रेस के साथ समझौता करने का प्रयास किया था। इस बार उन्हें कांग्रेस ने दूर रखने का फैसला किया।

 

 

कांग्रेस पार्टी के सूत्रों ने कहा कि मुफ्ती इस्माइल कांग्रेस के साथ सौदा करने के पक्ष में थे और यहां तक ​​कि उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बातचीत भी की थी।

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