Wednesday , September 20 2017
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बांग्लादेश के अस्पताल में पड़े रोहिंग्या मुसलमानों के ज़ख्म और संघर्ष की दास्ताँ

बांग्लादेश: सात वर्षीय रोहिंग्या लड़का बांग्लादेश में सरकारी अस्पताल की गद्दे पर पड़ा रहमान जिसके गोलियों के घाव को भरने में डॉक्टर लगें हैं। बंगलादेश के अस्पताल में ऐसे वह 80 रोहंगिया मरीज है जिनका गोलीबारी से घाव से जूझ रहे हैं।

रहमान उन में सबसे कम उम्र का मरीज़ है जिसको गोली लगने से शरीर पर बहुत से ज़ख़्म बन गए हैं। रहमान के पिता अबू ताहिर ने कहा कि सैनिकों ने सिर्फ फायरिंग शुरू कर दी थी मैंने अपने बेटे को जमीन पर गिरता देखा फिर किसी तरह अपने बेटे और परिवार के साथ भाग कर जान बचाई है लेकिन उनका बेटा अभी ठीक नहीं है। जिसके जल्दी ठीक होने की दुआ हो कर रहे हैं।

सदर अस्पताल कॉक्स बाजार क्षेत्र के लिए मुख्य चिकित्सा सुविधा उपलध कराइ गई है। सैकड़ों मरीजों के इलाज के लिए जिम्मेदार 20 डॉक्टरों की टीम मौजूद है। अस्पताल के प्रमुख डॉ. शाहीन अब्दुर रहमान चौधरी ने कहा, “हमने कभी इस तरह की हिंसक चोटें नहीं देखी हैं।”

वही अब्दुल करीम अस्पताल के दूसरे कोने में एक चटाई पर स्थित है। जिनके बाएं टांग को काट दिया गया है क्यूंकि म्यांमार में हुए एक बम धमाके में उन्होंने अपना पैर खो दिया है। साथ ही उनके शरीर पर गोलियों के अनगिनत घाव बने हैं।

उनके भाई असीर अहमद ने कहा कि उन्हें कम्बल में लपेट कर लाया गया था जिनके पुरे शरीर से बदबू आने लगी थी। सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने 30 रोहंगिया को गोलियों के घावों के लिए इलाज किया जा रहा है। पिछले हफ्ते उन्होंने 50 अन्य का इलाज किया था। रोहिग्या शरणाथियों के लिए अस्पताल में अलग से इंतज़ाम किया जा रहा है क्यूंकि आगे और मरीज़ों के बढ़ने की संभावना हो सकती है।

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