Thursday , September 21 2017
Home / Delhi News / SC : कोई गुंजाइश न रहे तो मिल सकता है तुरंत तलाक

SC : कोई गुंजाइश न रहे तो मिल सकता है तुरंत तलाक

अब तलाक का इंतजार कर रहे जोड़े छह महीने पहले भी फ्री हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के एक मामले में सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया कि विवाह बंधन में बंधे जो जोड़े आपसी सहमति से अलग होना चाहते हैं, उन्हें हिंदू विवाह अधिनियम के तहत ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ के छह महीनों के प्रावधान में छूट देनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि जब हिंदू पति-पत्नी के बीच रिश्ते सुधरने की जरा भी गुंजाइश न रह जाए तो दोनों की आपसी सहमति से तुरंत तलाक की इजाजत दी जा सकती है।

न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने छह महीने के कूलिंग ऑफ पीरियड की कानूनी बाध्यता को हटाते हुए कहा कि उद्देश्य विहीन शादी को लंबा खिंचने और दोनों पक्षों की पीड़ा बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है।

हालांकि वैवाहिक संबंध बरकरार रखने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाना चाहिए लेकिन जब दोनों पक्षों पर इसका कोई असर न हो तो उन्हें नया जीवन शुरू करने का विकल्प देना ही बेहतर होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित की कि है किस तरह आपसी सहमति पर तलाक की अर्जी दायर करने के एक हफ्ते बाद कूलिंग ऑफ पीरियड को खत्म करने का आवेदन दाखिल किया जा सकता है।

नियम के मुताबिक, पति-पत्नी आपसी सहमति से तलाक की अर्जी तब दाखिल कर सकते हैं जब वे एक वर्ष से अलग रह रहे हों। पीठ ने कहा है कि एक वर्ष बाद तलाक की अर्जी दी जाती है और इसके बाद सुलह के सभी प्रयास विफल रह जाते हैं तो दोनों पक्ष बच्चों की कस्टडी, निर्वाह वहन आदि मामला सुलझ चुका हो तो तलाक में देरी का कोई कारण नहीं है।

TOPPOPULARRECENT