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विनोद चंद का खुला ख़त, मोदी का समर्थन आप मुसलमानों के प्रति अपनी नफ़रत की वजह से करते हैं

प्रत्येक नरेंद्र मोदी समर्थक के नाम एक खुला खत,

प्रिय मोदी समर्थक मित्र,

नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के तीन साल बाद उनके बारे में किये गए दावे की वे एक कुशल प्रशासक हैं ,विकासपुरुष हैं,असाधारण सोच के मालिक हैं, अद्वितीय नेता हैं, भ्रष्टाचार विरोधी हैं, काले धन को वापस लेन को और किसानो को फसल का दाम देने को और सैनिकों को न्याय देने को प्रतिबद्ध हैं , ये सारे वादे अब झूठे साबित हो चुके हैं।

हम देख रहे हैं की किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और गोलियां खा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार महंगाई बढ़ी है और सीमा पर सैनिक पहले से ज़्यादा मर रहे हैं। काला धन नहीं आया है और ना ही कांग्रेस के किसी भी भ्रष्टाचारी मंत्री को जेल भेजा गया है। नरेंद्र मोदी हर मोर्चे पर विफल रहे हैं। नोटबंदी के उनके फ़ैसले ने देश की अर्थव्यवस्था को धीमा कर दिया है और इस से उबरने में काफी वक़्त लगेगा।

नोटबंदी के बाद जीडीपी में 2 % की गिरावट दर्ज की गयी और इस तरह उनके फैसले ने देश को 2,36,000 करोड़ रूपये का नुक़सान कराया है। क़ायदे से उन्हें उनके इस अपराध के लिए जेल भेजा जाना चाहिए मगर देश का इतना नुकसान देखने के बाद भी आप उनका समर्थन कर रहे हैं।

इसलिए अब आपको साफ़ साफ़ कहना चाहिए की आप नरेंद्र मोदी का समर्थन मुसलमानो से नफरत के कारण करते हैं। आपको ये स्वीकार करना चाहिए कि आप सोचते हैं नरेंद्र मोदी ही मुसलमानो को परेशान कर सकते हैं और उनकी ही सरकार मुसलमनो को दूसरे दर्जे का नागरिक बना सकती है और मुसलामनों से निपट लेने के बाद दलित, आदिवासी और ऐसे दुसरे तबकों को जो आरक्षण के बूते संपन्न हो रहे हैं, उन्हें नरेंद्र मोदी की सरकार औक़ात में ला सकती है।

आपको स्वीकार करना चाहिए कि आपकी तमन्ना है संविधान बदला जाए और देश को हिन्दू राष्ट्र बनाया जाए जहां बुद्ध, सिक्ख, ईसाई, और आपके अलावा सभी के अधिकार कम किये जाएँ।

मगर मैं आपको बताना चाहता हूँ कि भारत आपके सपनो का “हिन्दू राष्ट्र” नहीं है। और चूँकि आप संविधान विरोधी हैं और देश की सामाजिक संरचना बिगाड़ने वालों का साथ दे रहे हैं इसलिए आप सबसे बड़े देशद्रोही हैं। सामने आइये और साफ़ साफ़ कहिये कि हमें संविधान को बदलना है। ताकि हम भी कह सके की हमें इस देश में आप के जैसा कचरा नहीं चाहिए।

(नोट – ये पत्र विनोद चंद जी की लिखी एक पोस्ट पर आधारित है)

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