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हज सब्सिडी लेने से मुस्लिमों ने किया साफ़ इनकार

क़ुरान में स्पष्ट रूप से लिखा है कि हज सिर्फ़ उन लोगों के लिए अनिवार्य है जो इसका ख़र्चा उठाने में समर्थ हैं। भारत सरकार द्वारा सबसे महत्वपूर्ण यात्रा हज में सब्सिडी देने के बाद कई मुस्लिमों ने नाराज़गी दर्ज की है।

नवनिर्वाचित यूपी के वक़्फ़ और हज मंत्री  मोहसिन रजा हज सब्सिडी के ग़लत प्रयोग के ख़िलाफ़ बोल rhe है। इससे पहले  पूर्व केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने हज सब्सिडी को मुसलमानो पर एक धब्बा बताया था।

2016 में हज कमिटी ऑफ  इंडिया के द्वारा मक्का की हज यात्रा करने वालों को सरकार ने तक़रीबन 405 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी थी।पिछले कुछ सालों में साऊदी प्रशासन द्वारा २० प्रतिशत हज क्वोटा काटे जाने के बाद इस साल वो हज क्वोटा वापस मिल गया है और कुल भारतीय हज क्वोटा 1.70 लाख हो गया है।

अल-ख़ालिद टूर एंड ट्रैवल्ज़ के अहमद खेरेदा ने बताया कि हज की सब्सिडी की रक़म एअर फ़ेयर को जाती है जो कि जद्दा से वापस भारत आने की सामनाय रक़म से कही ज़्यादा होती है।उनका कहना है कि हज सब्सिडी मुस्लिम के गले पे पड़ बोझ समान है इसका बंद होना बेहद ज़रूरी है।

पैनल के सदस्य कमल फ़ारूक़ी ने बताया कि परलीयमेंट्री अफ़ेयर्स के सेक्रेटरी अफ़ज़ल अमानुल्लाह की अध्यक्षता में बनी एक पाँच सदस्यों की कमिटी इस मुद्दे को देख रही है की सब्सिडी के क्या फ़ायदे हैं और अगर सब्सिडी ना हो तो क्या यात्री काम पैसे में यात्रा कर सकते हैं या नहि।

वरिष्ठ शिया स्कॉलर मौलाना ज़हीर अब्बास रिज़वी का कहना है की हमें हज सब्सिडी नहि चाहिए। ऐसे चीज़ को चलाना जिसके लिए खुदा ने हुक्म नहि किया हो मुसलमानो के लिए गुनाह है और मुस्लिम समुदाय भी इसके पक्ष में नहि होगा।

 

 

 

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