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UP POLICE: न पोस्टमार्टन कराया और न ही कोई जांच, लावारिस के नाम पर फूंक दी लाश

आगरा: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को अक्सर कानून के मुहाफिज़ ही पलीता लगाते हैं। अक्सर विवादों में घिरी रहने वाली आगरा पुलिस की कार्यप्रणाली फिर सवालों के घेरे में है। इस बार कटघरे में थाना हरीपर्वत पुलिस है, जिसने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के दौरे के दिन सात मई को एक व्यक्ति के शव की शिनाख्त और पोस्टमार्टम कराए बिना ही उसका अज्ञात में गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार कर दिया। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा छह दिन बाद क्षेत्र बजाजा कमेटी के पदाधिकारियों ने किया है। खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सवाल उठ रहा है कि पुलिस ने यह अमानवीय कृत्य किसी गुनाह को छुपाने के लिए किया या लापरवाही में? बता दें कि एमजी रोड पर आगरा कालेज के सामने स्थित क्षेत्र बजाजा कमेटी का मुख्य कार्यालय है। कमेटी के एक पदाधिकारी के मुताबिक, छह मई की रात तकरीबन 12 बजे एक गाड़ी में थाना हरीपर्वत के दरोगा कर्ण सिंह और अन्य पुलिसकर्मी कार्यालय आए। नाइट ड्यूटी पर तैनात मैनेजर से शव वाहन की मांग की। उन्होंने कहा कि एक शव मानसिक आरोग्यशाला के गेट पर पड़ा था और ताजगंज विद्युत शवदाह गृह में उसका अंतिम संस्कार करवाना है। मैनेजर ने रात में वाहन देने से इनकार कर दिया। यह भी बताया कि रात में श्मशान घाट पर अंत्येष्टि नहीं होती है। पुलिस कर्मियों ने मैनेजर पर दबाव बनाया। प्रबंधक से बात कराई। पुलिस ने शव के साथ परिवारीजनों के होने की बात कही। कहा कि परिवार गरीब है। उनके पास रुपये नहीं है। इस पर प्रबंधक राजी हो गए। हालांकि दरोगा कर्ण सिंह से एक पत्र भी लिखवा लिया, जिसमें उन्होंने मृतक का नाम खूबीराम पुत्र चरनलाल बताया। उसके भाई का नाम गेंदालाल हाल निवासी तोता का ताल लिखकर दिया। इस पर कर्मचारी ज्ञानवेंद्र सिंह ने वाहन उपलब्ध करा दिया। पुलिस वाहन को हरीपर्वत थाने के पास ले गई। यहां से वाहन में रखवाकर दो लोगों के साथ शव को श्मशान घाट भिजवा दिया। मगर, बजाजा कमेटी के कर्मचारियों ने रात में पुलिस की ओर से बिना सूचना और पोस्टमार्टम के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार किया। इस पर दोनों लोग शव के साथ वापस लौट आए। थाने पर वाहन दो घंटे तक खड़ा रखा। चालक के दबाव पर शव को पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया। सात मई को सुबह दस बजे पुलिस निजी एंबुलेंस से शव को बिना पोस्टमार्टम के ही निकालकर ले गई। इस बार शव अज्ञात व्यक्ति का बताया। इस पर कमेटी के कर्मचारियों ने पोस्टमार्टम के बिना शव लाने का कारण पूछा। पुलिस के जवाब नहीं देने पर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। एक घंटे बाद पुलिसकर्मियों ने थाना एमएम गेट पुलिस की ओर से अज्ञात की रसीद दिखाकर अंतिम संस्कार करवा दिया। दोपहर में श्मशान घाट की रसीद आने पर बजाजा कमेटी के पदाधिकारियों को शक हुआ। उन्होंने पड़ताल की। शव का पोस्टमार्टम नहीं होने की जानकारी मिली। इस पर पदाधिकारियों ने शनिवार को एसएसपी आफिस में शिकायत की।

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