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अच्छे दिन: योगी राज में सिर्फ़ एक जिले में ही 120 दिन में 520 लूट की वारदातें

उत्तरप्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अपराधों में लगातार बढ़ोत्तरी रही है। सांप्रदायिक और जातीय हिंसा ने कई इलाकों को अपनी चपेट में लिया है जिससे योगी सरकार की हर तरफ़ किरकिरी हो रही है ।

तमाम विपक्षी राजनीतिक दल भाजपा पर निशाना साधने में लगे हुए है। ऐसे में योगी सरकार की प्रमुख टैंग लाइन ”सुखद दिन के एहसास” अब लोगों को अभिशाप की तरह लगने लगी है।

एनसीआर में आने वाली यूपी की हॉटसिटी गाजियाबाद ने क्राइम के मामले में फिर से एनसीआर के तमाम जिलों को पछाड़ दिया है। बीते तीन महीने में दर्ज अपराधों को देखा जाए तो यहां अब तक 565 मामले लूट के दर्ज किए जा चुके हैं।

हमेशा की तरह इस बार फिर से ट्रांस हिंडन के इंदिरापुरम थाने पर सबसे अधिक एफआईआर का सेहरा बंधा है। सरकारी आकड़ों के मुताबिक तकरीबन 95 मामले थाने में स्नैचिंग और लूट के दर्ज किए जा चुके हैं।

माना जा रहा था कि पुलिस कप्तान और एसपी सिटी सहित कई नए अधिकारियों की आमद के बाद अपराध का ग्राफ कम होगा लेकिन ऐसा कुछ होता दिख नहीं रहा है।

अधिकारियों रणनीति भले नई हो लेकिन अपराधी अपनी पुरानी चाल पर ही कायम है। जिसकी काट अभी तक गाजियाबाद पुलिस के पास दिखाई नहीं दे रही है।

यहां 102 मामले पर्स झपटने के सामने आए हैं लेकिन रिपोर्ट कुछ की ही दर्ज हुई है। दरअसल कई मामलों में तो थानेदार को भी नहीं पता चलता है कि निचले स्तर के पुलिसकर्मियों ने क्या खेल कर दिया है। ऐसे में चौकी स्तर पर ही मामले को या तो निपटाने का प्रयास किया जाता है या फिर हल्की धाराओं में मामला दर्ज कराया जाता है।

पुलिस रिकॉर्ड में पहले 4 माह में ही 366 मोबाइल फोन लूट, चोरी या मिसिंग का शिकार हो चुके हैं। ज़्यादातर मामलों में मोबाइल बस स्टेशन या सार्वजनिक स्थल पर चोरी हो जाता है तो पुलिस उसे चोरी का नहीं बल्कि मिसिंग में दर्ज करने के लिए पीड़ित से कहती है।

गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक कवि नगर में 56, सिहानी गेट में 85, कोतवाली में 62, विजयनगर में 76 और इंदिरापुरम में 95, साहिबाबाद में 89, लिंक रोड 83 और खोड़ा में 19 मामले रजिस्ट्रर किए गए है।

साल के शुरुआती चार माह में 16 ऐसी वारदातें भी घटित हुई हैं। जो पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुकी हैं। अपहरण, बलात्कार, वाहन चोरी सहित अन्य मामले शामिल हैं। जिनका पुलिस अब तक निस्तारण नहीं कर सकी है।

एसपी सिटी आकाश तोमर के मुताबिक, पहले के मुकाबले पुलिस की मुस्तैदी को सख्त किया गया है। अपराध कंट्रोल बैठक में भी सभी थाने के अधिकारियों को निगरानी के लिए कहा गया है। आने वाले समय में इनसब पर नकेल कसने का काम किया जाएगा।

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