Wednesday , December 13 2017

Adab O Saqafat

ग़ैर मुस्लिमों को मक्का की मस्जिदों में प्रवेश की इजाज़त

रियाद: सऊदी अरब की सरकार ने मक्का की चार ऐतिहासिक मस्जिदों ग़ैर मुस्लिम जायरीन के लिए खोल दी हैं। सऊदी अखबार (अकाज़) ‘ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि गैर मुस्लिम नागरिकों को मस्जिदों में आने की अनुमति देने का उद्देश्य उन्हें इस्लामी सभ्यता व संस्कृति …

Read More »

‘इस्लाम में महिलाओं पर हिंसा की अनुमति नहीं’

इस्लामी सैद्धांतिक परिषद के चेयरमैन मौलाना मोहम्मद खान शीरानी का कहना है कि इस्लाम में औरत पर हिंसा की अनुमति नहीं है।इस्लामी सैद्धांतिक परिषद के तीन दिवसीय सम्मेलन का दूसरा दौर चेयरमैन मौलाना मोहम्मद खान शीरानी की अध्यक्षता में हुआ। बैठक के बाद बीबीसी के अनुसार मौलाना मोहम्मद शीरानी ने …

Read More »

“हबीब जालिब” जनता के दिलों पर राज करने वाले मशहूर कवि

शायरे मजदूर हबीब जालब को संसार से कूच किए 23 साल हो गए हैं लेकिन आज भी दुनिया भर में उनके चाहने वाले और अदबी क्षेत्र उन्हें बड़े एह्त्मामा से याद करते हैं। हबीब जालब अपनी सार्वजनिक कविता के कारण प्रसिद्ध थे: हबीब जालब 28 फरवरी 1928 को राष्ट्र भारत …

Read More »

इस्लाम को किसी मार्टिन लूथर की जरूरत नहीं: टिप्पणी

प्रत्येक आतंकवादी हमले के बाद यह आवाज उठती हैं कि इस्लाम में सुधार लाया जाए। टीकाकार लोए मदहोन कहते हैं कि इस्लाम को किसी मार्टिन लूथर की जरूरत नहीं है, हाँ इस्लाम और संवैधानिक राज्य की समझ पर जोर दिया जाना चाहिए। लॉर्ड करोमर मिस्र में ब्रिटिश जनरल कौंसिल के …

Read More »

फ्रांस मुस्लिम महिलाओं को हिजाब पहनने की आज़ादी दे : पॉप फ्रांसिस

रोम: (20/मई) ईसाइयों के आध्यात्मिक गुरु पोप फ्रांसिस ने फ्रांस पर जोर दिया है कि वह मुसलमान महिलाओं को अपने विश्वासों के अनुसार हिजाब पहनने की स्वतंत्रता दे. वेदेशी मीडिया के अनुसार पोप फ्रांसिस का कहना था कि फ्रांस मुस्लिम महिलाओं के हिजाब के अधिकार का सम्मान करे। उन्होंने मुस्लिम …

Read More »

वीडियो देखें : एक मासूम बच्ची “हलीमा अफ्शां” ने बताया कि, क्यों हमारी जिंदगी से सुकून ग़ायब है?

इलाहाबाद।  इलाहाबाद। यहाँ के करेली स्थित एक स्कूल ‘तक़वा इस्लामिक स्कूल’ की एक छोटी सी बच्ची ‘हलीमा अफ्शां’, जोकि अपने सभी सब्जेक्ट्स के साथ-साथ हिफ़्ज़ क़ुरआन भी कर रहीं है। उस बच्ची की एक तक़रीर जो दिल को छू लेगी. और आज के समाज के लिए एक बेहतरीन नसीहत है …

Read More »

शिकागो में “सियासत” की सुलेख प्रदर्शनी का ‘ज़ाहिद अली खान’ के हाथों उद्घाटन

शिकागो:  अमेरिकी शहर शिकागो में जश्ने हैदराबाद के दौरान “सियासत” आर्ट गैलरी ने सुलेख पैटर्न पहली बार प्रदर्शित किया गया। एडीटर सियासत ‘ज़ाहिद अली खान इन समारोहों में भाग लेने के लिए शिकागो पहुंचे जहां हैदराबादी समुदाय ने उनका हार्दिक स्वागत किया। भारतीय कोंसिल जनरल डॉक्टर औसाफ सईद के नेतृत्व …

Read More »

UAE : भारत की पहली महिला ‘समन हाज़िक’ बनी ”खलीज टाइम्स” की एडीटर

नई दिल्ली: इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के CEO तनवीर हाज़िक की पुत्री समन हाज़िक को दुबई के अंग्रेजी दैनिक “खलीज टाइम्स” ने हैप्पीनेस एंड पोज़िटीविटी एडीटर नियुक्त किया है. समन ‘ खलीज टाइम्स’ में 2012 से काम कर रही हैं। यह पद खलीज टाइम्स’ में पहली बार तैयार किया गया …

Read More »

दुश्मनों को भी सोशल मिडिया पर गाली ना दें: ओवैसी की मुस्लमानों से अपील

नई दिल्ली : AIMIM के अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी का इन दिनों एक अपील सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उनके किसी चाहने वाले ने नेशनल एमआईएम न्यूज़ पेज पर पोस्ट किया है। जो उस ने पोस्ट लगा रखा है वह इस प्रकार है ने भारत के सभी मुसलमान भाइयो …

Read More »

सभी के लिये कम से कम 18000  रुपये तनख्वाह किये जायें : CITU

नयी दिल्ली: मरकज़ी लेबर तंज़ीम सीटू ने ठेका मजदूरों के दस्तूरुल अमल के मसौदे की तन्क़ीद की है जिसमें मुआहिदे पर काम करने वाले मुलाज़िम के लिये तनख्वाह 10,000 रुपये कम से कम करने समेत दीगर तजवीज किये गये हैं।  ट्रेड यूनियन ने सभी के लिये कम से कम तनख्वाह …

Read More »

अब वही हर्फ़-ए-जुनूं सबकी ज़बां ठहरी है… (फ़ैज़)

अब वही हर्फ़-ए-जुनूं सबकी ज़बां ठहरी है जो भी चल निकली है वो बात कहाँ ठहरी है आते आते यूं ही दम भर को रुकी होगी बयार जाते जाते यूं ही पल भर को ख़िज़ाँ ठहरी है वस्ल की शब् थी तो किस दर्जा सुबुक़ गुज़री थी, हिज्र की शब् …

Read More »

“अदम-बर्दाश्त” माहौल के खिलाफ़ मराठी सहाफ़ी ने भी लौटाया अवार्ड

“अदम-बर्दाश्त” माहौल के खिलाफ़ मराठी सहाफ़ी  ने भी लौटाया अवार्ड

प्रमोद मुन्घते ने आज कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र की सरकार का अवार्ड और उसकी इनामी रक़म 10000 रूपये लौटा दी है, मुन्घते आर एस टी एम नागपुर यूनिवर्सिटी में मराठी के प्रोफेसर हैं. उन्होंने ये अवार्ड मुल्क में बढ़ रहे “अदम-बर्दाश्त ” के माहौल के खिलाफ़ लौटाया . प्रोफेसर मुन्घते …

Read More »

`पोस्टमॉर्टम’

`पोस्टमॉर्टम’

एनाउन्सर स्टेज पर आकर कुछ बोलना शुरू करता है तो लगता है कि वह ड्रामे का तआरुफ दे रहा है और जल्द ही ड्रामा शुरू होगा, लेकिन दर असल ड्रामा शुरू हो चुका होता है। एक एक फ़नकार को स्टेज पर बुला कर उसका तआरुफ देना ड्रामे के पहले या बाद में

Read More »

फूलबन

फूलबन

अंग्रेज़ी दानिश्वर इशपन्गलर कहता है:जब अक़वाम रुहानी क़ुव्वत और अहम तहज़ीबी इक़दार की इशाअत के फ़रीज़े से बेनयाज़ होकर महज़ माद्दी जरूरतों और आसाइशों के लिए वक़्फ़ होजाएं तो इन में दूसरों को मुतास्सिर करने की सलाहियत कम हो जाती है और

Read More »

‘ए टेल आफ़ शेकन फ़ेथ ‘

‘ए टेल आफ़ शेकन फ़ेथ ‘

ए टेल आफ़ शेकन फ़ेथ (मुतज़लज़ल एतिमाद की कहानी) के ज़रिये ब्रीगेडीयर मनमोहन शर्मा ने फ़ौज में पाई जाने वाली बदउनवानियों और अक़रबा परवरी से पर्दा उठाने की कामियाब कोशिश की है।

Read More »

मुझ को भी पढ़ किताब हूँ मज़मून ख़ास हूँ

मुझ को भी पढ़ किताब हूँ मज़मून ख़ास हूँ

सब से पहले में क़ारईन को एक ज़िंदा ज़बान की हरकियाती ख़ुसूसीयात के बारे में चंद अहम असरी मालूमात पहुंचाना चाहूंगा ताकि उर्दू के असातिज़ा इस पर ग़ौर करें । ये ज़बान ज़ाहिर है अंग्रेज़ी के सिवा और कोई दूसरी हो नहीं सकती। अंग्रेज़ी ज़बान की क़दी

Read More »

अपना अंदर बदलईए

अपना अंदर बदलईए

अगर अंडे को बाहर से तोड़ा जाये तो...ज़िंदगी दम तोड़ देती है> जबकि अंडा अंदर से टूटे तो..ज़िंदगी जन्म लेती है। मुसबत तबदीली हमेशा अंदर से पैदा होती है। अपना अंदर बदलईए। नामालूम

Read More »

इंसान और इंसानियत

इंसान और इंसानियत

एक इंसान दूसरे इंसान से मायूस हो सकता है लेकिन...इंसानियत से मायूस नहीं होना चाहिए। इस लिए कि इंसान सिर्फ़ ज़मीन में सांस लेता है...और इंसानियत ज़मानों में ज़िंदा है। {जोन ईलिया}

Read More »
TOPPOPULARRECENT