वो ….. (वली  तनवीर का अफ़साना )

वो ….. (वली तनवीर का अफ़साना )

मर्कज़ी कुतुबख़ाने की बुलंद-ओ-बाला इमारत के ज़ीनों से उतरते हुए मेरे क़दम निढाल थे और दिल में एक सोज़-ओ- …

कुछ काम करो

कुछ काम करो

एक नौजवान किसी से मिलने जाता है। उस से पूछा जाता है: आप क्या करते हैं? वो कहता है: शायरी। सवाल फ…

अदबी लतीफ़े

अदबी लतीफ़े

एक महफ़िल में मौलाना आज़ाद और मौलाना ज़फ़र अली ख़ान हाज़िर थे। मौलाना आज़ाद को प्यास महसूस हुई तो एक बुज़…