Saturday , December 16 2017

Editorial

लव जिहाद के नाम पर हिंसा के लिए उकसाने वाले कौन?- रवीश कुमार

6 दिसंबर से 11 दिसंबर आ गया, पांच दिन गुज़रने के बाद क्या आपसे या सबसे पूछा जा सकता है कि आपने राजस्थान के राजसमंद की घटना पर क्या सोचा. पांच दिनों से देख रहा हूं कि इस घटना को लेकर सोशल मीडिया में लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त …

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भाजपा गुजरात में चुनाव जीत लेगी लेकिन……

यह संयोग हो सकता है पर ठीक ही है कि गुजरात के चुनाव बाबरी मस्जिद ढहाने की 25वीं वार्षिकी के हफ्ते में ही हो रहे हैं। इस दौरान भाजपा गुजरात का एक भी चुनाव नहीं हारी है और जिसकी परिणति बाबरी विध्वंस में हुई, वह रथयात्रा भी गुजरात से ही …

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‘मेरे क़त्ल पे आप भी चुप हैं अगला नम्बर आपका है’

राजस्थान के राजसमंद में हुई जघन्य हत्या का वीडियो देखने के बाद यह लिखने-कहने में भी शर्म आ रही है कि हमारा सिर शर्म से झुका जा रहा है. उग्र हिंदू राष्ट्रवाद के अभियान की चरम परिणित अब बर्बरता एवं अमानवीयता की शक्ल में सामने आ रही है. किसी देश …

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VIDEO: अब बैंक चाहें तो आपका जमा पैसा देने से मना कर सकते हैं- रविश कुमार

बच्चों के पास पीने का पानी नहीं है, टीवी और राजनीति की हिन्दू मुस्लिम की डिबेट आम लोगों को मानव बम में बदल रही है. राजस्थान के राजसमंद में नफ़रत ने शंभू लाल को इतना पागल कर दिया कि उसने मज़दूर मोहम्मद अफराजुल को पहले काट दिया और फिर जलाकर …

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मुसलमानों की मौजूदा हालात को देखते हुए अमेरिका को मौका मिला, अब अरब वर्ल्ड में नेतृत्व की दरकार

यूरोप के ईसाइयों ने 1095 और 1291 के बीच अपने धर्म की पवित्र भूमि फिलिस्तीन और उसकी राजधानी जेरूसलम में स्थित ईसा की समाधि का गिरजाघर मुसलमानों से छीनने और अपने अधिकार में करने के प्रयास में जो युद्ध किए उनको सलीबी युद्ध, ईसाई धर्मयुद्ध, क्रूसेड (crusades) अथवा क्रूश युद्ध …

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गुजरात चुनाव में बीजेपी की बड़ी हार होगी – योगेंद्र यादव

मशहूर चुनाव  विश्लेषक योगेंद्र यादव ने गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि गुजरात चुनाव में भाजपा बुरी तरह से हारने वाली है। जिसके बाद एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आएगा। खबरों के मुताबिक, गुजरात में DSDM द्वारा किए गए सर्वे के आकड़ों को …

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“हदीया को अपने अधिकार को चुनने से वंचित किया गया”

केरल के एक महिला अखिला अशोकन ने होम्योपैथी का अध्ययन करते हुए इस्लामी शिक्षाओं के adके अध्यन करने के बाद महसूस किया। और इस्लाम अपनाने का संकल्प लिया, और अपना नाम हदिया रख लिया मामला तब सुर्ख़ियों मे आया जब वो हिज़ाब पहने हुए कॉलेज में लोटी । उसके क्रोधित …

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अयोध्या: मंदिर और मस्जिद एक साथ हो सकते हैं

6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद के विध्वंश को 25 साल हो जायेंगे। 1992 में कांग्रेस ने जो कुछ उस समय के प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की इशारे पर किया था, उसमें किसी बदलाव के बजाय सत्तारूढ़ भाजपा सरकार उस जगह मंदिर बनाने पर आमादा है, जहां पहले मस्जिद थी। आरएसएस …

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VIDEO: बाबरी मस्जिद की जगह राम मंदिर या जन्म होने का जिक्र बालमिकी और तुलसी दास ने भी नहीं किया है- राम पूनियानी

आज से पचीस साल पहले 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद शहीद कर दी गई थी। इस मस्जिद को कार सेवकों ने ढाई थी जिन्हें बीजेपी और विश्व हिंदू परिषद का नेतृत्व मिला था। इस घटना के पीछे जो विचारधारा थी, उनका मानना था कि यह मस्जिद राम मंदिर को …

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देशभक्ति के चोले में देशद्रोही सक्रिय

यह सब लोग जानते हैं कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक देश है और सैकड़ों सालों से यहां भाईचारा और मेल मोहब्बत से लोग रहते आ रहे हैं। पिछले कुछ सालों से भारत के अंदर ऐसा माहौल पैदा किया जा रहा है कि जिससे भारत कि गंगा जमुनी तहज़ीब और भाईचारा …

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6 दिसंबर 1992 का महत्व !

दो दशक से भी ज्यादा समय बीत चुका है। लेकिन कुछ बातें जेहन में ऐसे बैठ जाती हैं जो हमेशा याद रहती हैं। आप उसे भुलाना भी चाहें तब भी ये मुमकिन नहीं होता। 6 दिसंबर 1992 का दिन भी कुछ ऐसा ही है। आज यह लड़ाई लड़ी जा रही …

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क्या विलुप्त मुस्लिम अब एक रचनात्मक भारत के निर्माण में हिस्सा लेंगे?

गुजरात में चल रहे चुनाव अभियान से निकलने वाला एक स्पष्ट संदेश यह है कि भारत में रंगभेद राजनीति एक रंग के केवल दो शेड्स पर ले रही है: भगवा. अचानक, कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी प्रदर्शन पर अपने ‘हिंदू’ क्रेडेंशियल्स डाल रहे हैं और नतीजतन, इसके परिणामस्वरूप, अपने ‘हिंदुत्व’ …

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राजनीति बीमार है, तो उससे कहीं अधिक बीमार भारतीय मीडिया है

राजनीति बीमार है तो उससे कहीं अधिक बीमार भारतीय मीडिया है। मौजूदा हालात में यह कहना मुश्किल होगा कि दोनों में ज्यादा बीमार कौन है? राजनीति नफरत का एक मोहरा चलती है तो मीडिया दो क़दम आगे बढ़ कर नफरत और भड़कीले बयानों की हदों से आगे बढ़ जाता है। …

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मोदी जी, नकारात्मक पत्रकारिता तो बीजेपी के लिए संजीवनी है- अभिसार शर्मा

प्रधानमंत्री मोदी के मौजूदा पत्रकारिता पर दिए बयान पर वरिष्ठ टीवी पत्रकार अभिसार शर्मा ने जमकर हमला बोला है। अभिसार शर्मा ने अपने फेसबुक पर एक ब्लॉग के जरिए अपनी बात जाहिर की है। अभिसार शर्मा ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा- क्यों करते हो नकारात्मक पत्रकारिता, पूछा मीडिया से …

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VIDEO: अलाउद्दीन खिलजी क्रूर शासक नहीं बल्कि दिल्ली सल्तनत को मजबूत किया था- राम पूनियानी

फिल्म पद्मावती को लेकर राम पुनियानी ने अपनी राय रखी है। राम पुनियानी एक लेखक और प्रोफेसर हैं। उन्होंने उस वक्त की भी बात की है जब राजस्थान में फिल्म पद्मावती को लेकर शुटिंग चल रही थी और यही करणी सेना ने विरोध भी किया था। फिल्म कुछ दिनों के …

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कविता कृष्ण की लेख- ‘क्या ‘हादिया’ जैसी वयस्क महिला को गोपनीयता और स्वायत्तता का अधिकार नहीं है’?

27 नवंबर को अंतरिम आदेश में सुप्रीम कोर्ट का हदिया के प्रति रवैया, निराशाजनक है। वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दिवान, हदिया के पिता अशोकन की ओर से बहस करते हुए उन्होंने कहा कि सुनवाई कैमरे में होनी चाहिए। जवाब में, अदालत ने “स्टॉकहोम सिंड्रोम” पर चर्चा की और पूछा, “अगर हम …

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हिन्दुत्व की विचारधारा, जिसे भाजपा, RSS और हिन्दू महासभा तीनों ही अपना मानते हैं- राम पूनियानी

धर्म के नाम पर राजनीति के उदय के साथ, कई ‘पवित्र और आध्यात्मिक’ साधु और साध्वियां – जिन्हें इस मायावी दुनिया का त्याग कर आध्यात्म की दुनिया में मगन रहना चाहिए – दुनियावी मसलों में फंस गए हैं। इनमें से प्रमुख हैं साध्वी निरंजन ज्योति, साक्षी महाराज, साध्वी उमा भारती …

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विकास और हिंदुत्व का कोई जोड़ नहीं हो सकता

भाजपा नेताओं को दूसरों की आँख का तिनका नज़र आता है, पर अपनी आँख की शहतीर नहीं। गैर भाजपा वाले राज्यों को उन्हें जंगलराज कहने में कोई परहेज़ नहीं होता लेकिन अपने राज्यों के करतूतों पर उनकी नज़र नहीं जाती। अच्छे दिनों और विकास का सपना दिखा कर 2014 में …

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स्त्री-विरोधी सोच और पद्मावती!

-सुभाषिनी सहगल अली- यह लेख पद्मावती पर नहीं है। न उस पद्मावती पर है, जो जायसी के मन में चित्तौड़ की महारानी थीं और न ही यह भंसाली की पद्मावती पर है। पद्मावती के जीवन और मृत्यु पर बड़ा विवाद छिड़ा हुआ है, पर उसके बारे में एक तथ्य निर्विवाद …

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नजरिया- मुल्क के इस मुश्किल हालत में जातिवाद का जहर

मुल्क के हालात बहुत बद्तर नाजुक और कमजोर हो गये हैं। कोई किसी से मस्लक में उलझा है, कोई फिल्म रिलीज नहीं होने दे रहा है, कुछ लोग जात धर्म के नाम पर लोगों को डरा धमका रहे हैं मार रहे हैं, किसी को भी कानून का ग़लत उपयोग कर …

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