तलाक़ के लिए “क़ुरान” का तरीका अपनाया जाए या फिर “बिदअत” को ही जारी रखा जाए..युसूफ अंसारी की कलम से

तलाक़ के लिए “क़ुरान” का तरीका अपनाया जाए या फिर “बिदअत” को ही जारी रखा जाए..युसूफ अंसारी की कलम से

सियासत हिन्दी : सोशल मीडिया पर तीन तलाक़ को लेकर चल रही बहस के बीच सीनियर जर्नलिस्ट जनाब युसूफ अंसारी…