एक पत्थर को जान बना बैठे

एक पत्थर को जान बना बैठे

एक पत्थर को , जान बना बैठे अपना सब कुछ तुझे बना बैठे मेरी हर सांस में, रूह में तुम् हो तुम को अ…

शाज़ तमकनत

शाज़ तमकनत

शाज़ तमकनत साहब(31 जनवरी 1933- 18 अगस्त 1985) का नाम उर्दू के उन शयरों में शामिल है, जिन्होंने शायरी…

बेकल उत्साही

बेकल उत्साही

बेकल उत्साही उर्दू शायरी के बेहद मक़बूल शायर हैं। …

अहमद फ़राज़

अहमद फ़राज़

अहमद फ़राज़ (1931-2008) की शायरी के बारे में कहा जाता रहा है कि ये निकली तो फ़राज़ की कलम से है, लेकिन …