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अंडमान निकोबार में भारी बारिश और चक्रवात की चेतावनी

पोर्ट ब्लयेर: मौसम विभाग ने अंडमान और निकोबार के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. ऐसा अनुमान है कि अंडमान और निकोबार के 500 से ज्यादा द्वीपों में अगले 5 दिनों तक मौसम खराब रहेगा. मौसम विभाग के एडीजी डॉ एम महापात्रा के मुताबिक खराब मौसम की संभावना को देखते हुए अंडमान निकोबार द्वीप समूह के प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है. फिलहाल अगले दो दिनों तक निकोबार द्वीप समूह के आसपास मौजूद आइलैंड में कई जगहों पर झमाझम बारिश का पूर्वानुमान है.

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आजतक के अनुसार, मौसम विभाग ने अंडमान और निकोबार में भारी बारिश होने की संभावना इस वजह से जताई है क्योंकि इस समय अंडमान निकोबार के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है, जो बड़ी तेजी से ताकतवर हो रहा है. ऐसा अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटे तक यह वेदर सिस्टम डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है इस वेदर सिस्टम पर लगातार नजर रखी जा रही है और इस समय मिल रहे आंकड़ों के आधार पर सुपर कंप्यूटर के जरिए वेदर मॉडल यह दिखा रहे हैं कि ये चक्रवात में तब्दील हो सकता है. अगर यह वेदर सिस्टम चक्रवात बना तो इससे भारत के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सिस्टम हमारे देश की तरफ ना आकर म्यांमार की तरफ जा रहा है, लेकिन इस बारे में अभी सही-सही अनुमान दे पाना मुमकिन नहीं है.
चिंता की बात यह भी है कि अंडमान निकोबार में दिसंबर से लेकर फरवरी तक टूरिस्ट सीजन होता है और यहां पर भारी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं. मौजूदा हालात में सैलानियों को इस बात की सलाह दी जाती है कि वह अगले एक हफ्ते तक अंडमान निकोबार की तरफ रुख न करें.
अंडमान निकोबार के अलग-अलग वेदर स्टेशन से मिल रही जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि निकोबार द्वीप समूह में कई जगहों पर पिछले 24 घंटे में तेज बारिश रिपोर्ट की गई है. मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक यहां पर मछुआरों को समंदर में ना जाने की सलाह दी गई है. खास बात यह है कि बंगाल की खाड़ी में बने इस कम दबाव के क्षेत्र की वजह से समंदर काफी अशांत हो चुका है. जैसे-जैसे यह वेदर सिस्टम कम दबाव क्षेत्र से डीप डिप्रेशन में तब्दील होगा वैसे-वैसे अंडमान निकोबार के तटीय इलाकों में ऊंची -ऊंची लहरों का खतरा बढ़ जाएगा.

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