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अइम्मा-ओ-मोज़नीन को माहाना एज़ाज़िया स्कीम का अगसट से आग़ाज़

हैदराबाद 22 जुलाई :तेलंगाना में हुकूमत की तरफ से 5000 मसाजिद के अइम्मा और मोज़नीन को माहाना मुताल्लिक़ स्कीम पर अमल आवरी का अगसट से आग़ाज़ होगा। वक़्फ़ बोर्ड की तरफ से इस स्कीम से इस्तेफ़ादा के ख़ाहिशमंद अइम्मा और मोज़नीन से दरख़ास्तें तलब की जाएंगी।

सेक्रेटरी अक़लियती बहबूद सय्यद उम्र जलील ने बताया कि इस स्कीम के लिए हुकूमत ने 12 करोड़ रुपये मुख़तस किए हैं और 5 हज़ार मसाजिद के अइम्मा-ओ-मोज़नीन को माहाना एक हज़ार रुपये देने का मंसूबा है। उन्होंने कहा कि बैयकवक़त अक़लियतों से मुताल्लिक़ बाज़ दूसरी स्कीमात के एलान के सबब एज़ाज़िया से मुताल्लिक़ स्कीम पर अमल आवरी में ताख़ीर हुई है।

उन्होंने बताया कि हुकूमत ने दर्ज औक़ाफ़ मसाजिद के अलावा दुसरे मसाजिद के अइम्मा-ओ-मोज़नीन को भी रक़म की इजराई का फ़ैसला किया है। तवक़्क़ो हैके एक हफ़्ते के बाद वक़्फ़ बोर्ड की तरफ से बाक़ायदा आलामीया जारी करते हुए स्कीम से इस्तेफ़ादा के ख्वाहिशमंदों से दरख़ास्तें तलब की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि ये स्कीम रज़ाकाराना है और किसी भी मस्जिद के लिए स्कीम में शमूलीयत का कोई दबाव नहीं है। सय्यद उम्र जलील ने बाज़ गोशों में पाई जाने वाली बेचैनी का हवाला देते हुए वज़ाहत की के हुकूमत की इस स्कीम में शमूलीयत के लिए किसी पर कोई जबर नहीं है।

उन्होंने कहा कि रक़म अइम्मा और मोज़नीन के बैंक एकाऊंट में जमा करने की तजवीज़ थी ताहम उनकी तबदीली की सूरत में दुशवारीयों को देखते हुए मस्जिद कमेटी के एकाऊंट में रक़म मुंतक़िल करने पर ग़ौर किया जा रहा है।

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