Saturday , December 16 2017

अकबर ओवैसी और के टी रमा राव‌ में लफ़्ज़ी झड़प

हैदराबाद 30 सितंबर: रियासत में किसानों की ख़ुदकुशी के मस्ले पर असेंबली में मुबाहिस के दौरान मजलसी फ्लोरलीडर अकबर ओवैसी और रियासती वज़ीर इन्फ़ार्मेशन टेक्नालोजी के टी रमा राव‌ के दरम्यान तलख़ अलफ़ाज़ का तबादला अमल में आया।

जब मुबाहिस के दौरान के टी रमा राव‌ ने हुकूमत पर तनक़ीदें को मुसतरद करते हुए मजलसी रुकन को मशवेरह दिया कि वो हुकूमत को निशाना बनाने की बजाए ’’ सीधा सीधा बोलिऐ ‘‘ इस वक्त अकबर ओवैसी ब्रहम होगए। के टी रमा राव ने मजलसी रुकन से कहा कि ’’ मिस्टर ओवैसी ‘ जो हक़ एवान में आप को हासिल है ‘ हमें भी वैसे ही हुक़ूक़ हासिल हैं ‘ आप को ख़सूसी हक़ हासिल नहीं हैं ‘ आप दूसरों को इज्ज़त दीनगे तो आप को भी इज्ज़त मिले गी।

इस मौके पर मजलसी रुकन ब्रहम होगए और हुकूमत को तनक़ीद का निशाना बनाते हुए किसानों के मस्ले पर ग़ैर संजीदा होने का इल्ज़ाम आइद क्या और कहा कि तमाम जमाअतों के अरकान की तरफ से मुसलसिल तवज्जा दहानी के बावजूद हुकूमत के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

अकबर ओवैसी ने सीधा सीधा बोलिऐ का वज़ीर मौसूफ़ से मतलब दरयाफ़त क्या और कहा कि वो हमेशा सीधा सीधा चलते हैं और सीधे रास्ते में आने वालों को रौंदते हुए चले जाते हैं। इसी लिए हम 50 साल से लोगों के दिलों पर हुकूमत कर रहे हैं।

के टी रमा राव‌ ने मजलसी रुकन से कहा कि वो मोजु पर बात करें। हुकूमत संजीदा है। इन की बातों को नोट क्या जा रहा है।

हुकूमत को ग़ैर ज़रूरी तनक़ीद का निशाना बनाना दरुस्त नहीं है और ग़ैर ज़िम्मेदारी दाराना इल्ज़ामात आइद किऐ जाएं तो हुकूमत भी ख़ामोश नहीं रहे गी।

TOPPOPULARRECENT