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अकबर ओवैसी की गिरफ़्तारी में टी वी और इंटरनेट का अहम रोल

हैदराबाद । 10 जनवरी :अकबरुद्दीन ओवैसी की गिरफ़्तारी में एलेक्ट्रॉनिक मीडीया (टी वी और इंटरनेट) का अहम रोल रहा है। हैदराबाद के शामनामा पोस्ट नून ने ये तजज़िया शाये किया है।

हैदराबाद । 10 जनवरी :अकबरुद्दीन ओवैसी की गिरफ़्तारी में एलेक्ट्रॉनिक मीडीया (टी वी और इंटरनेट) का अहम रोल रहा है। हैदराबाद के शामनामा पोस्ट नून ने ये तजज़िया शाये किया है।

इस शामनामा की रिपोर्ट ने एक तरफ़ शहरीयों में पाई जाने वाली बेचैनी और दूसरी तरफ़ पार्टी कैडर की कैफ़ीयत को भी ज़ाहिर करने की कोशिश की है।

अकबर ओवैसी की मुतनाज़ा तक़ारीर सोश्यल मीडीया पर बेहस का मौज़ू बनी रही। अवामी ब्रहमी का भी इज़हार हुआ और दाख़िली इख़तिलाफ़ राए भी मंज़रे आम पर आगया। ये सब उन के जेल जाने का सबब बन गए।

मुतनाज़ा तक़ारीर से क़ौमी सतह पर मीडीया का मौज़ू बनने वाले अकबर उवैसी ने मजलिस को भी मुश्किल में डाल दिया है। तजज़िया रिपोर्ट में सोश्यल मीडीया यूट्यूब, टोइटर और फेसबुक के अलावा ब्लॉग्स पर भी जो राए और ब्रहमी ज़ाहिर की गई इन तमाम ज़राए को अकबर की गिरफ़्तारी का ज़िम्मेदार क़रार दिया गया है।

अक्सर शहरीयों का मानना हैकि शहर में मुक़ामी केबल टी वी चैनल भी इस तनाजे का अहम सबब बना है, जिस में पार्टी के तर्जुमान के तौर पर काम करने वाले इस चैनल ने मुतनाज़ा तक़ारीर की तशहीर में कोई कसर बाक़ी ना रखी।

ये तक़रीर बार बार नशर की जाती रही और इंटरनेट से भी उसे मरबूत कर दिया गया। केबल टी वी की इस कोशिश पर भी शहरीयों में जो बेहस छिड़ गई है वो पार्टी के दाख़िली हलक़ों में गशत कररही है और इस मुक़ामी केबल चैनल की तरफ से मुतनाज़ा तक़ारीर को बार बार पेश करना कारकुनों के ज़हनों को मुंतशिर और पार्टी के दाख़िली मुआमलात में बेचैनी का बाइस बिन गया है।

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