Thursday , November 23 2017
Home / AP/Telangana / अकबर ओवैसी हमला केस में नया मोड़

अकबर ओवैसी हमला केस में नया मोड़

हैदराबाद 04 अगस्त: अकबर ओवैसी हमला केस की रोज़ाना की असास पर जारी समाअत के दौरान एक गवाह के बयान के बाद केस में नया मोड़ आया। रुकने असेंबली पर हमले की साज़िश शादी ख़ाने में रचाए जाने का दावा करने वाला एक अहम गवाह वकील दिफ़ा की मज़बूत बहेस के सामने बेबस नज़र आया।

गवाह मुहम्मद रहमत उल्लाह तैयब साकिन सईदाबाद ने इस केस की पिछ्ले समाअत के दौरान अदालत में दिए गए अपने बयान में ये दावा किया था कि उसने 14 अप्रैल 2011 को शादी की सालगिरह के लिए उम्र फंक्शन हाल बुक कराने के लिए पहुँचा था जहां पर एक कमरे में 10 से 12 लोग और मुहम्मद पहलवान अकबरुद्दीन ओवैसी पर हमला करने की साज़िश रच रहे थे। वकील दिफ़ा गंदुम गुरु मूर्ती एडवोकेट ने अपनी बहेस में गवाह से सवाल किया कि उम्र फंक्शन हाल में जिस कमरे में उसने बाज़ लोगों को साज़िश से मुताल्लिक़ गुफ़्तगु करने का दावा किया है वो कमरा किस सिम्त मौजूद था। गवाह को शादी ख़ाने के तसावीर और नक़्शा भी बताया गया जिसके दौरान गवाह ने ग़लतबयानी करते हुवे बताया कि पहाड़ी शरीफ़ की सिम्त वाक़्ये शादी ख़ाने के दाख़िले के दाहने हाथ पर फंक्शन हाल का ऑफ़िस वाक़्ये है जबकि ये दाख़िला महज़ पर्दा नशीन ख़वातीन के लिए मुख़तस किया गया।

वकील दिफ़ा ने गवाह की बयानी पर ये दावा किया कि उसे उम्दन मुहम्मद पहलवान के ख़िलाफ़ गवाही देने के लिए गवाह बनाया गया है और वो झूटा बयान दे रहे हैं। वकील दिफ़ा ने गवाह रहमत उल्लाह तैयब से ये सवाल किया कि वो सईदाबाद का साकिन होने के बावजूद क्या वजह है कि उसने चंद्रायंगुट्टा में वाक़्ये उम्र फंक्शन हाल किराये पर हासिल करने की कोशिश की।

जबकि इलाके सईदाबाद ता चंद्रायंगुट्टा 200 फंक्शन हॉल्स मौजूद हैं। गवाह ने बताया कि उसे सिर्फ चंद फंक्शन हॉल्स से मुताल्लिक़ मालूमात हैं और इस के ससुराली रिश्तेदार इलाके जनगममेट और फ़लकनुमा में मुक़ीम होने के सबब उसने उम्र फंक्शन हाल बुक कराने का इरादा किया था।

एडवोकेट जी गुरु मूर्ती ने जरह के दौरान गवाह से ये पूछा कि 14 अप्रैल 2011 में मुजरिमाना साज़िश के वाक़िये की इत्तेला पुलिस चंद्रायंगुट्टा, सीसीएस या पुलिस कमिशनर को क्युं नहीं दी। गवाह ने बताया कि ख़ौफ़ के सबब उसने ये वाक़िया किसी के सामने बयान नहीं किया हताकि असद ओवैसी और अकबर ओवैसी के इलम में भी नहीं लाया।

गवाह ने जवाब दिया कि वकील अहमद उस का दोस्त होने के सबब मदद के लिए गया था। जबकि वकील दिफ़ा ने एसे तसावीर अदालत में पेश किए जिसमें असद ओवैसी, वकील अहमद और दुसरे कई तसावीर में शामिल है।

बाज़ तसावीर में एमआईएम पार्टी की तरफ से चेन्नाई को इमदाद रवाना करते हुए भी दिखाया गया।

TOPPOPULARRECENT