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अक़लियती मालीयाती कारपोरेशन में स्क़ाम की दुबारा तहक़ीक़ात

अक़लियती फाइनैंस कारपोरेशन में तक़रीबन 80 करोड़ मालीयाती स्क़ाम को मंज़रे आम पर आए एक साल से ज़ाइद का अर्सा गुज़र गया लेकिन आज तक तहक़ीक़ाती इदारा सी बी सी आई डी ने अदालत में चार्ज शीट दाख़िल नहीं की।

अक़लियती फाइनैंस कारपोरेशन में तक़रीबन 80 करोड़ मालीयाती स्क़ाम को मंज़रे आम पर आए एक साल से ज़ाइद का अर्सा गुज़र गया लेकिन आज तक तहक़ीक़ाती इदारा सी बी सी आई डी ने अदालत में चार्ज शीट दाख़िल नहीं की।

तहक़ीक़ात की जल्द तकमील और ख़ातियों के ख़िलाफ़ अदालत में चार्ज शीट की पैशकशी के लिए अक़लियती कमीशन और महिकमा अक़लियती बहबूद की तरफ से सी बी सी आई डी से नुमाइंदगी की गई है।

अक़लियती कमीशन की तरफ से तहक़ीक़ात के सिलसिले में तफ़सीलात तलब किए जाने पर सी बी सी आई डी ने कमीशन को अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस स्क़ाम के सिलसिले में इसवक़्त के मेनीजिंग डायरेक्टर ज़िम्मेदार हैं और उन के ख़िलाफ़ कार्रवाई के सिलसिले में हुकूमत से इजाज़त तलब की गई ताहम एक बरस गुज़रने के बावजूद हुकूमत की तरफ से इजाज़त नहीं दी गई।

बताया जाता हैके सी बी सी आई डी ने इस स्क़ाम के सिलसिले में मुअत्तल किए गए अक़लियती फाइनैंस कारपोरेशन के दो ओहदेदारों जनरल मैनेजर और अकाउनटस ऑफीसर को बेक़सूर साबित करने की कोशिश की।

सी बी सी आई डी की ये रिपोर्ट सदर नशीन अक़लियती कमीशन ने स्पेशल सेक्रेटरी अक़लियती बहबूद से रुजू करते हुए मज़ीद कार्रवाई की सिफ़ारिश की है।

बताया जाता हैके अक़लियती फाइनैंस कारपोरेशन ने रिपोर्ट का जायज़ा लेने के बाद सी बी सी आई डी से सिफ़ारिश की कि वो सारे मुआमला की दुबारा जांच करे। इस सिलसिले में कारपोरेशन ने एक रुकनी तहक़ीक़ाती कमेटी और आडीटरस की रिपोर्टस के हवाले से दुबारा तहक़ीक़ात की मांग की है।

आडीटरस और एक रुकनी तहक़ीक़ाती कमेटी की रिपोर्टस में इसवक़्त के मैनेजिंग डायरेक्टर के साथ साथ दो मातहत ओहदेदारों को भी स्क़ाम के लिए यकसाँ तौर पर ज़िम्मेदार क़रार दिया गया था।

सी बी सी आई डी ने जिन दो मातहत ओहदेदारों को बेक़सूर क़रार देने की कोशिश की है, चेक्स की इजराई में इन का अहम रोल बताया जाता है और चेक्स पर उनके दस्तख़त भी मौजूद हैं।

इस मुआमले की आडीटरस और एक रुकनी तहक़ीक़ाती कमेटी ने भी निशानदेही की थी। अक़लियती फाइनैंस कारपोरेशन के मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर मुहम्मद हाशिम शरीफ़ ने क़ानूनी माहिरीन से मुशावरत के बाद सी बी सी आई डी को इस मुआमले की मुकम्मिल जांच करने और मौजूदा दो तहक़ीक़ाती रिपोर्टस को सामने रखते हुए नतीजा करने की तजवीज़ पेश की है।

हाशिम शरीफ़ ने इस बात का एतराफ़ किया कि उन्होंने कारपोरेशन में मौजूद दोनों रिपोर्टस की बुनियाद पर कार्रवाई की सिफ़ारिश की है ताकि स्क़ाम में शामिल अफ़राद को मंज़रे आम पर लाया जा सके।

सी बी सी आई डी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इसवक़्त के मैनेजिंग डायरेक्टर ने मुख़्तलिफ़ बैंकों में करोड़ों रुपये की रक़ूमात डिपाज़िट करने के लिए तक़रीबन 80 लाख रुपये कमीशन हासिल किया था।

वाज़िह रहे कि अक्टूबर 2012 में ये स्क़ाम मंज़रे आम पर आया जिस के बाद उस वक़्त के मैनेजिंग डायरे‍क्टर के अलावा जनरल मैनेजर और अकाउनटस ऑफीसर को मुअत्तल कर दिया गया था। हाल ही में मनीजिंग डायरेक्टर को जो एक आई एफ़ एस ओहदेदार हैं हुकूमत ने बहाल करते हुए नई पोस्टिंग दी है। जबकि मुअत्तल शूदा दो मातहत ओहदेदारों के ख़िलाफ़ इल्ज़ामात की जांच के लिए लंगा राज पानी गढ़ी ( आई ए एस) रुकन कमिशनर उफ़ इंकुआयरीज़ हुकूमत आंध्र प्रदेश को ज़िम्मेदारी दी गई।

सी बी सी आई डी से तहक़ीक़ात की ख़ाहिश के बाद अब देखना ये है कि तहक़ीक़ाती इदारा दो तहक़ीक़ाती रिपोर्टस की बुनियाद पर किस नतीजे पर पहुंचेगा।

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