Sunday , July 22 2018

अक़लियती फ़लाही स्कीमात पर शऊर बेदारी प्रोग्राम

अदूनी 11 अगस्त अंडरपेट मुनिस्पल उर्दू हाई स्कूल बराए तालिबात , ख़ूनी मुहल्ला अदूनी में मेराज एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से हुकूमत हिंद की तरफ से वज़ीर-ए-आज़म पंद्रह नकाती प्रोग्राम-ओ-रियासत आंध्र प्रदेश की हुकूमत की तरफ से अक़लियतों के लिए जारी मुख़्तलिफ़ फ़लाही स्कीमात की शऊर बेदारी केलिए गोल मेज़ कांफ्रेंस का इनइक़ाद अमल में आया।

इस प्रोग्राम में क़ाज़ी -ए-शहर अलताफ़ हुसैन साहिब, अल्हाज ख़ज़ीब मुहम्मद अली हाश्मी साहिब , क़ाइदीन गुलफ़रोश शफ़ी अहमद शरीक रहे।

इस मौके पर सदर जलसा क़ाज़ी अलताफ़ हुसैन ने बताया कि जितनी भी स्कीमात अक़लियतों के लिए हुकूमत से दी जा रही हैं। इस का भरपूर फ़ायदा हासिल करना हम तमाम की ज़िम्मेदारी है।

अगर किसी शख़्स को स्कीमात से मुताल्लिक़ जानकारी ना होतो वो दफ़्तर पहुंच कर मालूमात हासिल करसकता है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये जो अक़लियतों के लिए मंज़ूर किए जाते हैं। हर साल इस्तेमाल ना होने की बुनियाद पर वापिस चले जा रहे हैं।

लिहाज़ा इन तमाम स्कीमात से मुताल्लिक़ तफ़सीली जानकारी के लिए दफ़्तर में दो रिटायर्ड तहसीलदारों से ख़िदमत ली जा रही है। क़ाज़ी साहिब ने बताया कि मेराज एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी शहर में अक़लियतों के लिए जो काम कर रही है।

दुसरे तन्ज़ीमों के लिए मिशअल-ए-राह है।बादअज़ां मेहमान-ए-ख़ुसूसी ख़तीब शाही जामा मस्जिद अल्हाज मुहम्मद अली हाश्मी साहिब ने बताया कि तमाम स्कीमात से भरपूर फ़ायदा हासिल करने के लिए तालीम-ए-याफ़ता होना ज़रूरी है।

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