अक़लियतों के लिए 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात , हुकूमत अहद की पाबंद

अक़लियतों के लिए 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात , हुकूमत अहद की पाबंद
चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ ने एलान किया कि उनकी हुकूमत मुसलमानों और दर्ज फ़हरिस्त क़बाइल को 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी के वादे पर क़ायम है और इस सिलसिले में अंदरून तीन माह कमीशन का क़ियाम अमल में आएगा।

चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ ने एलान किया कि उनकी हुकूमत मुसलमानों और दर्ज फ़हरिस्त क़बाइल को 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी के वादे पर क़ायम है और इस सिलसिले में अंदरून तीन माह कमीशन का क़ियाम अमल में आएगा।

तेलंगाना असेंबली में गवर्नर के ख़ुतबा पर तहरीक तशक्कुर और मुबाहिस का जवाब देते हुए चीफ़ मिनिस्टर ने कहा कि वो इस बात की कोशिश करेंगे कि 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात पर अमल आवरी में कोई क़ानूनी और दस्तूरी रुकावट पेश ना आए।

उन्होंने बताया कि बरसर ख़िदमत जज या रिटायर्ड की ज़ेरे क़ियादत एक कमीशन जल्द क़ायम करते हुए उस की सिफ़ारिशात हासिल की जाएंगी और इसी बुनियाद पर तहफ़्फुज़ात पर अमल आवरी का आग़ाज़ होगा।

अंदरून तीन माह ये काम मुकम्मिल करलिया जाएगा और इस सिलसिले में वो बहुत जल्द कुल जमाती मीटिंग तलब करते हुए अप्पोज़ीशन की राय हासिल करेंगे।

चीफ़ मिनिस्टर ने बताया कि बाज़ गोशों की तरफ से तहफ़्फुज़ात पर अमल आवरी के सिलसिले में मुख़्तलिफ़ शुबहात का इज़हार किया जा रहा है हालाँकि तहफ़्फुज़ात पर अमल आवरी सद फ़ीसद मुम्किन है। उन्होंने टामिलनाडु की मिसाल पेश करते हुए कहा कि वहां 69 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात पर अमल आवरी जारी है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने तहफ़्फुज़ात की मजमूई हद 50 फ़ीसद से ज़ाइद ना करने की सिफ़ारिश की।

इस के अलावा कर्नाटक में भी तहफ़्फुज़ात 50 फ़ीसद से ज़ाइद हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में एससी, एसटी, बी सी और अक़लियतें जुमला आबादी का 85 फ़ीसद हैं जबकि आला तबक़ात सिर्फ़ 15 फ़ीसद हैं।

इस तरह तेलंगाना रियासत कमज़ोर तबक़ात की रियासत है। के सी आर ने बताया कि तहफ़्फुज़ात पर अमल आवरी के सिलसिले में टामिलनाडु का क़ानून हासिल किया गया है जिस का जायज़ा लेते हुए तेलंगाना में क़ानूनसाज़ी की जाएगी और ज़ाइद तहफ़्फुज़ात को मर्कज़ के 9 वीं शैडूल में शामिल करने के इक़दामात किए जाऐंगे।

चीफ़ मिनिस्टर ने एवान को यक़ीन दिलाया कि अक़लियतों की फ़लाह-ओ-बहबूद और उर्दू ज़बान की तरक़्क़ी के सिलसिले में हुकूमत ने जो वादे किए हैं उन पर बहरसूरत अमल आवरी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि बजट में हर साल अक़लियती बहबूद के लिए1000 करोड़ रुपये मुख़तस किए जाऐंगे। इस के अलावा उर्दू ज़बान को इस का मुसतहिक़ा दर्जा दिया जाएगा। चीफ़ मिनिस्टर ने वज़ाहत की के एससी, एसटी, बी सी और अक़लियत के लिए आइन्दा पाँच बरसों में हुकूमत ने एक लाख करोड़ रुपये ख़र्च करने का जो मंसूबा बनाया है इस में मुसलमानों की भी हिस्सादारी होगी। इस के तहत जो भी फ़लाही इस्कीमात तैयार की जाएंगी इस में मुस्लमान भी होंगे और अक़लियती नुमाइंदों से मुशावरत के बाद इस्कीमात को क़तईयत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कमज़ोर तबक़ात और अक़लियतों की तरक़्क़ी और तरक़्क़ीयाती इस्कीमात पर अमल आवरी में शफ़्फ़ाफ़ियत को यक़ीनी बनाने के लिए बहबूदी से मुताल्लिक़ तमाम क़लमदान उन्होंने अपने पास रखे हैं।

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