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अक़लीयती स्कीमात,मोअस्सर(कारगर) अमल आवरी को यक़ीनी बनाने के इक़दामात

हैदराबाद 8 जून, ( सियासत न्यूज़) रियासत में अक़लीयती स्कीमात पर मोअस्सर अमल आवरी को यक़ीनी बनाने और बाअज़ अहम स्कीमात में दरमयानी अफ़राद के रोल को ख़त्म करने के लिए प्रिंसिपल सेक्रेट्री रेमंड पीटर ने अहम फ़ैसलों का मंसूबा बनाया है

हैदराबाद 8 जून, ( सियासत न्यूज़) रियासत में अक़लीयती स्कीमात पर मोअस्सर अमल आवरी को यक़ीनी बनाने और बाअज़ अहम स्कीमात में दरमयानी अफ़राद के रोल को ख़त्म करने के लिए प्रिंसिपल सेक्रेट्री रेमंड पीटर ने अहम फ़ैसलों का मंसूबा बनाया है।

इस सिलसिले में मुशावरत के लिए उन्हों ने अक़लीयतों के अवामी मुंतख़िबा और मज़हबी नुमाइंदों का एक इजलास 11 जून को तलब किया जिस में मुस्लिम, ईसाई, सिख और पार्सी तबक़ात के अवामी नुमाइंदे और मज़हबी नुमाइंदे शिरकत करेंगे।

सरकारी ज़राए ने बताया कि प्रिंसिपल सेक्रेट्री ने 30 अवामी मुंतख़िबा और मज़हबी नुमाइंदों की एक फ़ेहरिस्त तैयार की है जिन्हें इजलास में मदऊ किया जाएगा। हर सयासी जमात से एक अवामी नुमाइंदा इजलास में मदऊ रहेगा जबकि मज़हबी शख़्सियतों में ज़ाइद नुमाइंदगी रहेगी।

इस इजलास का मक़सद रियासत में अक़लीयतों को दर्पेश मसाइल और हुकूमत की मौजूदा स्कीमात से उन का तक़ाबुल करना है ताकि इस बात का अंदाज़ा किया जा सके कि मौजूदा स्कीमात अक़लीयतों के मसाइल की यकसूई में किस हद तक कारआमद साबित हो रही हैं।

प्रिंसिपल सेक्रेट्री अक़लीयतों की कई ख़िदमात को ऑनलाइन करने का मंसूबा रखते हैं ताकि दरमयानी फ़र्द के रोल को ख़त्म किया जाए। तालीमी इदारों को शिकायत है कि तमाम क़वाइद की तकमील के बावजूद भी उन्हें बरवक़्त सर्टीफ़िकेट जारी नहीं किया जाता और उन से भारी रक़ूमात का मुतालिबा किया जाता है।

इन शिकायात का जायज़ा लेने के बाद इंचार्ज प्रिंसिपल सेक्रेट्री चाहते हैं कि ऐसी तमाम ख़िदमात को ऑनलाइन कर दिया जाए। इस अहम फ़ैसला के सिलसिले में मुशावरत के लिए इजलास तलब किया गया है। इस इजलास में अक़लीयती इदारों के सरबराह भी मौजूद रहेंगे।

अगर हुकूमत मज़कूरा ख़िदमात को ऑनलाइन करने का फ़ैसला करती है तो यक़ीनन ये एक ख़ुश आइंद और तारीख़ी फ़ैसला होगा जिस से अवाम को काफ़ी दुशवारीयों से बचाया जा सकता है।

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