Friday , December 15 2017

अक़लीयती फ़ाइनेन्स कारपोरेशन की स्कीमात में शफ़्फ़ाफ़ियत तरजीह, बदउनवानीयाँ नाक़ाबिले बर्दाश्त

अक़लीयती फ़ाइनेन्स कारपोरेशन के नायब सदर नशीन और मैनेजिंग डायरेक्टर जनाब हाशिम शरीफ़ ने कहा कि अक़लीयती तबक़ात की ख़िदमत वो अपना अव्वलीन फ़रीज़ा समझते हैं और इसी जज़बा के तहत उन्हों ने इस ज़िम्मेदारी को क़ुबूल किया है। उन्हों ने कहा कि

अक़लीयती फ़ाइनेन्स कारपोरेशन के नायब सदर नशीन और मैनेजिंग डायरेक्टर जनाब हाशिम शरीफ़ ने कहा कि अक़लीयती तबक़ात की ख़िदमत वो अपना अव्वलीन फ़रीज़ा समझते हैं और इसी जज़बा के तहत उन्हों ने इस ज़िम्मेदारी को क़ुबूल किया है। उन्हों ने कहा कि अक़लीयती फ़ाइनेन्स कारपोरेशन की स्कीमात में शफ़्फ़ाफ़ियत को यक़ीनी बनाया जाएगा और वो किसी भी सतह पर बदउनवानीयों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जनाब हाशिम शरीफ़ जो बाएतबार ओहदा स्पेशल ग्रेड डिप्टी कलेक्टर की हैसियत से महकमा माल से वाबस्ता हैं।

सियासत से बात-चीत करते हुए कहा कि बैंकों से मरबूत सब्सीडी पर मबनी क़र्ज़ की इजराई और अक़लीयती को मुख़्तलिफ़ शोबों में ट्रेनिंग की फ़राहमी में वो बाअज़ इस्लाहात के ख़ाहां है।

हुकूमत ने बैंकों से मरबूत सब्सीडी स्कीम के लिए 100 करोड़ रुपये जबकि मुख़्तलिफ़ रोज़गार पर मबनी कोर्सेस में ट्रेनिंग के लिए 12 करोड़ रुपये मुख़तस किए हैं। सब्सीडी स्कीम के तहत जारीया मालीयाती साल 33 हज़ार इस्तिफ़ादा कनिन्दगान को फी कस 30 हज़ार रुपये की सब्सीडी फ़ाइनेन्स कारपोरेशन से फ़राहम की जाएगी।

इस सिलसिले में तकरीबन 20 अज़ला ने इस्तिफ़ादा कनिन्दगान का इंतिख़ाब कर लिया गया है और तीन अज़ला से रिपोर्ट्स का इंतेज़ार है। उन्हों ने कहा कि वो चाहते हैं कि जल्द अज़ जल्द इस स्कीम पर अमल आवरी करते हुए सब्सीडी की रक़म जारी करदी जाए ताकि गरीब अफ़राद ख़ुद रोज़गार स्कीमात से वाबस्ता हो सकें।

उन्हों ने बताया कि मुख़्तलिफ़ कोर्सेस में ट्रेनिंग से मुताल्लिक़ स्कीम का जायज़ा लेने के बाद उन्हों ने फैसला किया कि ऐसे कोर्सेस का इंतिख़ाब किया जाए जिन के ज़रीए अक़लीयती तबक़ा के नौजवान बाआसानी रोज़गार हासिल कर सकें।

उन्हों ने बताया कि जिस इलाक़ा में जो शोबा ज़ाइद आमदनी के हुसूल में मददगार साबित होगा इसी शोबा में नौजवानों को ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हों ने एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर्स को हिदायत दी कि वो स्कॉलरशिप्स की दरख़ास्तों की आजलाना यकसूई को यक़ीनी बनाएं और दरख़ास्तों को फ़ौरी महकमा समाजी भलाई से रुजू किया जाए। उन्हों ने कहा कि एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर्स और किसी भी मुलाज़िम की कारकर्दगी के बारे में अवाम उन से रुजू हो सकते हैं।

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