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अक़लीयतों के मसाइल की यकसूई के लिए मुसबत कार्रवाई ज़रूरी

नई दिल्ली, 13 मार्च: (पी टी आई) नायब सदर जमहूरीया मुहम्मद हामिद अंसारी ने आज कहा कि ऐसा मालूम होता है कि मुल्क में फ़िर्कावाराना कशीदगी दुबारा उभर आई है और मुल्क का फ़िर्कावाराना ताना बाना दबाव के तहत आ गया है वो रियासती अक़लीयती कमीशन

नई दिल्ली, 13 मार्च: (पी टी आई) नायब सदर जमहूरीया मुहम्मद हामिद अंसारी ने आज कहा कि ऐसा मालूम होता है कि मुल्क में फ़िर्कावाराना कशीदगी दुबारा उभर आई है और मुल्क का फ़िर्कावाराना ताना बाना दबाव के तहत आ गया है वो रियासती अक़लीयती कमीशन के सालाना इजलास का इफ़्तेताह कर रहे थे ।

उन्होंने अक़लीयतों के मसाइल की यकसूई के लिए रियासत की जानिब से मुसबत कार्रवाई की ज़रूरत पर ज़ोर दिया । उन्होंने कहा कि अफ़सोसनाक बात ये है कि फ़िर्कावाराना कशीदगी ऐसा मालूम होता है कि मुल्क के मुख़्तलिफ़ इलाक़ों में दुबारा उभर आई है ।

इस अख़ज़ किए हुए नतीजे से फ़रार हासिल नहीं किया जा सकता कि हमारा फ़िर्कावाराना ताना बाना दबाव के तहत आ गया है । उन्होंने कहा कि अक़ल्लीयतों के मसाइल और उनकी यकसूई के लिए रियासत की जानिब से मुसबत कार्रवाई की ज़रूरत दोनों के बारे में शऊर की बेदारी में इज़ाफ़ा हो गया है ।

दो रोज़ा चोटी कान्फ्रेंस का मौज़ू अक़लीयत की हसासीयत सैक्यूलर हिंदूस्तान में अक़लीयतों की ज़िम्मेदारी थी । नायब सदर जमहूरीया ने कहा कि क्या अक़लीयत और अक्सरीयत की इस्तेलाहात रियाज़ी की इस्तेलाहात हैं । उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है बल्कि ये बुनियादी हक़ीक़त की अक्कासी करती हैं ।

रियासत का ज़हन उन से ज़ाहिर होता है । हुकूमत के पास कोई जादूई छड़ी नहीं है जिस के ज़रीया फ़िर्कावाराना हम आहंगी पैदा करें और मुल्क से अक़लीयत और अक्सरीयत की बिना पर मुकम्मल तौर पर फ़र्क़-ओ-इमतियाज़ का ख़ातमा कर दे । उन्होंने कहा कि दोनों फ़िर्क़ों की फ़िर्कावाराना हम आहंगी हर एक को मतलूब है और ऐसी कोशिश के नाकाम होने के क्या नताइज मुरत्तिब होंगे ।

इस प्रोग्राम में मर्कज़ी वज़ीर‍ ए‍ अक़लीयती उमूर के रहमान ख़ान वज़ीर-ए-ममलकत बराए अक़लीयती उमूर नेनूंग फ़रंग सदर नशीन क़ौमी अक़लीयती कमीशन वजाहत हबीब उल्लाह और नामवर क़ानूनदां फली एस नरीमान ने भी शिरकत की । इस बात को नोट करते हुए कि फ़िर्कावाराना हम आहंगी लाज़िमी तौर पर एक महिदूद करने वाला नज़रिया है ।

नायब सदर जमहूरीया मुहम्मद हामिद अंसारी ने कहा कि मुआशरा में तनाव फ़ित्री तौर पर एक हक़ीक़त है और मर्कज़ी चैलेंज तनाव नहीं बल्कि इस तनाव का इंतेज़ाम है ।

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