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अक़लीयतों के लिए तरजीही क़र्ज़ में 15 फ़ीसद इज़ाफ़ा

नई दिल्ली, 22 फ़रवरी: ( पी टी आई ) हुकूमत ने आज कहा कि अक़लीयतों के लिए तरजीही शोबा का क़र्ज़ जारीया मालीयाती साल में 15 फ़ीसद तक पहुंच चुका है । सदर जम्हूरीया परनब मुखर्जी ने पार्लीयामेंट से अपने ख़िताब में कहा कि मालीयाती शोबा में तमाम को

नई दिल्ली, 22 फ़रवरी: ( पी टी आई ) हुकूमत ने आज कहा कि अक़लीयतों के लिए तरजीही शोबा का क़र्ज़ जारीया मालीयाती साल में 15 फ़ीसद तक पहुंच चुका है । सदर जम्हूरीया परनब मुखर्जी ने पार्लीयामेंट से अपने ख़िताब में कहा कि मालीयाती शोबा में तमाम को शामिल करने के लिए क़ौमी सतह पर 2012-13 के दौरान अक़लीयतों के लिए तरजीही शोबा के क़र्ज़ का बहा गुज़श्ता साल 30 सितंबर तक 1,71,960 करोड़ रुपये तक पहूंच गया था , जो जुमला तरजीही शोबा क़र्ज़ के 15 फीसदी से ज़ाइद है ।

सदर जम्हूरीया ने इस मौके पर ये निशानदेही भी की कि वक़्फ़ एक्ट में तरमीम की जा रही है और कहा कि वक़्फ़ जायदादों के फ़रोग़ और तहफ़्फ़ुज़ के लिए वक़्फ़ डेवलपमेंट कारपोरेशन क़ायम किया जाएगा । तरजीही शोबा में क़र्ज़ के मुआमला में अक़लीयतों की नाक़िस नुमाइंदगी हुकूमत के लिए गुज़श्ता कई बरसों से तशवीश का मुआमला बनी रही और इस ज़िमन में बेहतरी को एक मुसबत पेशरफ़्त समझा जा रहा है जिस से ख़ुद रोज़गार के मवाक़े/ मौके पैदा होंगे ।

हुकूमती ज़राए ने कहा था कि अक़लीयतों को पब्लिक सेक्टर बैंकों की जानिब से क़र्ज़ 2007-08 में 10.6 फ़ीसद से बढ़कर 2012-13 में 30 सितंबर 2012 तक 15.01 फ़ीसद हो गया । वज़ारत इकलेती उमूर् की जानिब से कुछ अर्सा क़ब्ल जारी करदा एक सरकारी बयान के मुताबिक़ अक़लीयतों को 30 सितंबर 2012 तक जुमला 1,71,960.71 करोड़ रुपये का क़र्ज़ दिया गया ।

दिल्ली इजतिमाई इस्मतरेज़ि केस के पस-ए-मंज़र में हुकूमत ने कहा कि वो इस तरह के वाक़ियात पर गहरी तशवीश रखते हैं और ख़वातीन की हिफ़ाज़त में बेहतरी के लिए सिलसिला वार इंतिज़ामी इक़दामात पर अमल आवरी शुरू कर चुकी है ।

सदर जम्हूरीया ने दोनों ऐवानों के मुशतर्का इजलास से ख़िताब में इस मसले पर कहा कि हुकूमत पहले ही फ़ौजदारी क़ानून में तरमीम के लिए एक आर्डीनेंस जारी कर चुकी है ताकि ख़वातीन के ख़िलाफ़ होलनाक जिन्सी जराइम पर सख़्त तरीन सज़ा की गुंजाइश फ़राहम की जा सके।

उन्होंने कहा कि मेरी हुकूमत ख़वातीन के ख़िलाफ़ जिन्सी जराइम के वाक़ियात के ताल्लुक़ से निहायत फ़िक्रमंद है । हुकूमत ने पहले ही मुतअद्दिद इंतेज़ामी इक़दामात शुरू कर दिए हैं ताकि मुल्क भर में ख़वातीन की हिफ़ाज़त और सलामती को बेहतर बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि 2013 केलिए कई ख़लाई मशंस का मंसूबा है जिनमें हिंदूस्तान का मिर्रीख़ के लिए अव्वलीन मिशन और बहरी सफ़र के लिए मदद करने वाले पहले हिंदूस्तानी सेटेलाईट को लॉन्च करना शामिल है।

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