अकीदतमंदों ने की चादरपोशी

अकीदतमंदों ने की चादरपोशी
हजरत सैयद शहीद सफदर पीर मुराद शाह रहमतुल्लाह अलैह के उर्स के मौके पर सनीचर देर रात तक चादरपोशी होती रही। शहर के मुखतलिफ़ इलाकों से बैंडबाजे के साथ अकीदतमंद मुराद शाह के दर पर पहुंचे।

हजरत सैयद शहीद सफदर पीर मुराद शाह रहमतुल्लाह अलैह के उर्स के मौके पर सनीचर देर रात तक चादरपोशी होती रही। शहर के मुखतलिफ़ इलाकों से बैंडबाजे के साथ अकीदतमंद मुराद शाह के दर पर पहुंचे।

यहां पर लोगों ने अकीदत के साथ फूल, माला, अगरबत्ती, चादर और रेवड़ियां चढ़ायीं। शहर के मुखतलिफ़ मुहल्लों से गाड़ियों का रिवायती काफिला निकाला गया। मेन चौराहों पर घूमते हुए यह काफिला बाबा के दरबार में पहुंचा। यहां पहुंचे जायरीनों ने बाबा के दर पर सिर झुकाया और दुआ मांगी। इसके बाद लोगों ने बारी-बारी से चादरपोशी की रस्म अदा की।

चादरपोशी का सिलसिला इतवार को भी जारी रहा। मुसलिम तबके के साथ-साथ दीगर माजाहिब के लोगों ने भी चादरपोशी में शिरकत की। मजार शरीफ पर सिस्टम बनाये रखने के लिए इंतजामिया कमेटी के रुक्न सरगर्म रहे। अब्दुल बाकी, मजार कमेटी के नायब सदर रैजा आलम दानिश, खालिद खान, आसिफ कमाल, मो अफरोज, मो हाजी सनाउल्लाह, सुन्नु बाबू, शहाब अख्तर समेत दीगर लोग भीड़ को कंट्रोल करने में जुटे रहे।

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