Wednesday , December 13 2017

अक्लियती तालीमी अदारों को सर्टिफिकेट देने का मुताल्बा

रियासती अक्लियती कमीशन के सदर, डॉ शाहिद अख्तर ने इंसानी वसायल तरक़्क़ी महकमा की वज़ीर को खत लिख कर अक्लियती तालीमी अदारों को अक़लियत अदारे का सर्टिफिकेट जारी करने की दरख्वास्त किया है।

रियासती अक्लियती कमीशन के सदर, डॉ शाहिद अख्तर ने इंसानी वसायल तरक़्क़ी महकमा की वज़ीर को खत लिख कर अक्लियती तालीमी अदारों को अक़लियत अदारे का सर्टिफिकेट जारी करने की दरख्वास्त किया है।

उन्होंने कहा है कि मौलाना आजाद फाउंडेशन, नयी दिल्ली की तरफ से रियासत के अक़लियत अदारों को बुनयादी ढांचा की तरक़्क़ी के लिए इक़्तेसादी इमदाद दी जाती है। इसके लिये इन अदारों को रियासत हुकूमत की तरफ से जारी अक्लियती अदारों का सर्टिफिकेट देना जरूरी है। रियासत के अक़लियती अदारों के पास यह सर्टिफिकेट नहीं होने से उन्हें इक़्तेसादी मदद नहीं मिल रही है। अगर इन अदारों को हुकूमत वक़्त वक़्त पर सर्टिफिकेट जारी करे, तो वे मर्कज़ी हुकूमत की तरफ से मंसूबों का फायदा ले सकेंगे।

उन्होंने कहा है कि रियासत में तालीम की सतह आला बनाने में अक्लियती तालीमी अदारों का अहम किरदार है। पर सरकारी सतह पर इन अदारों को हौसला अफजाई करने की जगह उनके काम में रुकावट पैदा किये जाते हैं। कमीशन को लगातार शिकायतें मिली हैं कि अक्लियती स्कूलों को हुकूमत की तरफ न इक़्तेसादी मदद दी जाती है और न ही वक़्त पर तंख्वाह दिया जाता है। कई अक्लियती अदारे बिना सरकारी मदद के ही चलते हैं।

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