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अखिलेश की हुकूमत उलेमा के निशाने पर

देवबंद, 09 मार्च: दारुल उलूम वक्फ के मुबल्लिग मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में बिगड़े कानून निज़ाम को पटरी पर लाने और आवामी मसाइल के हल को लेकर सपा हुकूमत को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। सूबे में बिगड़े कानून निज़ाम के

देवबंद, 09 मार्च: दारुल उलूम वक्फ के मुबल्लिग मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में बिगड़े कानून निज़ाम को पटरी पर लाने और आवामी मसाइल के हल को लेकर सपा हुकूमत को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। सूबे में बिगड़े कानून निज़ाम के वजह से आज पुलिस अफीसर भी महफूज़ नहीं हैं।

मदरसा जामिया उलूम-ए-इस्लामिया के बानी अथर उस्मानी के मोहल्ला शाहबुखारी वाकेय् रिहायशगाह पर मुनाकिद उलेमा की बैठक में मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने सच्चर कमेटी, रंगनाथ मिश्र कमेटी की रिपोर्ट लागू कराने, इस्लामी तालीम को बढ़ावा देने और रियासत की बिगड़े कानून निज़ाम को लेकर कहा कि लोगों के मसाइल के साथ-साथ आवाम की हिफाज़त की जिम्मेदारी भी हुकूमत पर है।

लेकिन अफसोस की बात यह है कि रियासती हुकुमत न तो आवाम के मसाएल को लेकर संज़ीदा है और न ही कानून निज़ाम को दुरुस्त कर पा रही है। उन्होंने सीओ जियाउलहक व यादव बिरादरान के कत्ल पर अफसोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि रियासत में बिगड़ी कानून निज़ाम के वजह से आज पुलिस आफीसर भी महफूज़ नहीं हैं।

इस वजह से आवाम अपने आपको गैर महफूज़ महसूस कर रही है। मदरसा दारुल मुसाफिरीन के मोहतमिम सैय्यद अकील हुसैन ने कहा कि कुरआन और हदीस के बताए रास्ते को मजबूती से पकड़े बिना मुसलमान दीन व दुनिया में कामयाबी हासिल नहीं कर सकता। मुसलमानों में इस्लामी तालीम को बढ़ावा देने की ज़रूरत है।

उन्होंने सीओ जियाउलहक और नन्हे यादव के कत्ल का मुंसिफाना जांच कराकर गुनाहगारों को सख्त सजा दिलाने की मांग की।

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