Sunday , December 17 2017

अगर मर्द चार बीवियां रख सकते हैं तो महिलाएं 4 शौहर क्यों नहीं: जस्टिस बी. कमल पाशा

images

कोझिकोड। केरल हाई कोर्ट के जज जस्टिस बी. कमल पाशा ने सवाल उठाया है कि जब इस्लाम में पुरुषों को चार-चार शादियां करने का हक है तो ख्वातीन चार-चार शौहर क्यों नहीं रख सकतीं?

ख्वातीनो के जानिब से चलाए जा रहे एक गैर सरकारी तंज़ीम के प्रोग्राम में जस्टिस पाशा ने यह बात कही। उनके मुताबिक, मुस्लिम पर्सनल लॉ में ऐसे कानूनों की भरमार है जो महिलाओं के खिलाफ हैं। इसके लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठे मज़हब के ठेकेदार जिम्मेदार हैं।

जाहिर है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत मर्द यानि पुरुष चार बार शादियां कर सकते हैं। हालांकि कई इस्लामिक देशों ने इस पर पाबंदी लगा दी है, लेकिन भारत में लागू है।

बकौल जस्टिस पाशा,मज़हब के खास लोगों को आत्मचिंतन करना चाहिए कि क्या उन्हें एकतरफा फैसले देने के हक है? आम लोगों को भी सोचना चाहिए कि ये लोग कौन हैं जो ऐसे फैसले सुनते हैं?

TOPPOPULARRECENT