Wednesday , November 22 2017
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अगर मैं आतंकवादी बनाता तो अब तक मुठ्ठी भर नहीं बल्कि कई लाख लोग आतंकवादी बन जाते: ज़ाकिर नाइक.

मुंबई : ढाका में हुए आतंकवादी हमले के हमलावर को ज़ाकिर नाइक से प्रेरित बताये जाने के बाद विवादों में आये डा. ज़ाकिर नाइक ने कहा कि अगर धार्मिक व्यक्ति हिंसा करता है तो जिस वक़्त वह हिंसा करता है उसी पल धर्म से बाहर हो जाता है |ये कहना कि शरारती तत्व जो आतंकवादी संगठन में शामिल हुए थे मुझसे प्रेरित थे बिलकुल ग़लत है |अगर मैं वास्तव में लोगों को आतंकवादी बनाता तो अब तक सिर्फ़ मुठ्ठी भर लोग नहीं बल्कि कई लाख लोग आतंकवादी बन जाते|

नाइक ने एक ई-मेल साक्षात्कार में कहा कि लाखों प्रशंसक में सिर्फ़ कुछ लोग अगर भटक जाते हैं और अराजक बन जाते हैं तो ये निश्चित है कि वो मेरी बात नहीं समझ पा रहे हैं | ऐसे लोग अगर हिंसा करते हैं तो वे न तो धार्मिक हो सकते हैं और न ही मेरे समर्थक |

ये मालूम किये जाने पर कि उनके एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) पर लगे प्रतिबंध को वे चुनौती देंगे | उन्होंने कहा कि इस बारे में वे मुंबई और दिल्ली में अपनी लीगल टीम से मशवरा ले रहे हैं जल्द ही इस मामले को कोर्ट में ले जाया जायेगा |

केंद्र सरकार ने हाल ही में ज़ाकिर नाइक के एनजीओ आईआरएफ को  पांच साल के लिए प्रतिबंधित किये जाने की घोषणा की थी | नाइक ने आईआरएफ पर लगे प्रतिबंध को राजनीति से प्रेरित बताया |

विदेशों से प्राप्त पैसे को आईआरएफ द्वारा काले धन को वैध करने के आरोपों के जवाब में उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में दुबई में उनके अपने निजी खाते से मुंबई में अपने निजी खाते में 47 करोड़ रुपये से अधिक पैसा आया है |

ये पूरी तरह से मेरे द्वारा घोषित है और वैध गतिविधियों के लिय इस्तेमाल किया गया है | इसमें मेरे परिवार कि तरफ़ से दिए गये तोहफ़े और कर्ज़ भी शामिल है | मैं नहीं जानता कि इसमें समस्या क्या है |

काले  धन को वैध करने के मामले पर पूछे जाने पर नाइक ने कहा कि आईआरएफ को पिछले 15 वर्षों में एफसीआरए खाते में लगभग 14 करोड़ रुपये मिले हैं । इसमें से 4 करोड़ रुपये विदेशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों से मिले थे | पिछले 15 साल में केवल 10 करोड़ रुपये विदेशी दानदाताओं से प्राप्त किया गया था | इन सब दानदाताओं के नाम, पते के बारे में गृह मंत्रालय को बताया गया था फिर इसमें काले धन को सफेद करने का मामला कैसे हो गया |

नाइक से भारत लौटने के बारे में मालूम किये जाने पर उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों से जांच में बार बार सहयोग की पेशकश की है, लेकिन अब तक किसी भी एजेंसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है |

 

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