अजमेर दरगाह के दीवान को भारत रतन एवार्ड दिया जाना चाहिये : उद्धव ठाकरे

अजमेर दरगाह के दीवान को भारत रतन एवार्ड दिया जाना चाहिये : उद्धव ठाकरे

मुंबई 12 मार्च : सदर शिवसेना उद्धव ठाकरे ने आज अजमेर की दरगाह हज़रत ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती के दीवान जैनुलआबेदीन ख़ान की ज़बरदस्त सताइश करते हुए यहां तक कह दिया कि उन्हें भारत रतन का एवार्ड दिया जाना चाहिये जिन्होंने पाकिस्तान के वज़ीर-ए-आज़म परवेज़ अशर्फ़ के दरगाह पर दौरे की मुख़ालिफ़त करने की जुर्रत दिखाई । पार्टी के तर्जुमान अख़बार सामना में एक ईदारिया तहरीर करते हुए उन्होंने कहा कि जैनुल आबेदीन ने अपनी हुब्ब-उल-व्तनी का सबूत दे दिया और वो हक़ीक़तन इस मुल्क का नगीना हैं ।

लिहाज़ा हिंदूस्तान के आला तरीन सेवेलिय‌न एवार्ड भारत रतन जैनुल आबेदीन को दिया जाना चाहिये । ठाकरे ने कहा कि जौनुल आबेदीन के दिल में ख़्याल आगया कि एक इसे मुल्क के वज़ीर-ए-आज़म को दरगाह में मज़हबी अरकान अदा करने में वो क्योंकर मदद करसकते हैं जिस मुल्क की अफ़्वाज ने हिंदूस्तानी फ़ौजों के सर क़लम कर दिए जबकि दूसरी तरफ़ मुतज़ाद तरीका से हिंदूस्तान के वज़ीर ख़ारिजा सलमान ख़ूर्शीद ने राजा परवेज़ अशर्फ़ का सुर्ख़ कालीन इस्तिक़बाल किया और साथ ही साथ उनकी शानदार ज़ियाफ़त का भी इंतिज़ाम किया ।

ठाकरे ने कहा कि राजा परवेज़ अशर्फ़ के दरगाह से वापिस जानने के बाद वहां के लोगों ने इन सड़कों की सफ़ाई की जहां-जहां से मौसूफ़ गुज़रे थे जिस में मुस्लमानों ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया । उद्धव ठाकरे ने कहा कि दीवान जी ने जो मिसाल क़ायम की है वो मुल्क के दीगर लोगों और इंतिहा पसंद मुस्लमानों के लिए एक सबक़ है । ठाकरे ने तंज़ आमेज़ लहजा में कहा कि अगर पाकिस्तान की सताइश करने वालों को हकूमत-ए-पाकिस्तान निशान-ए-पाकिस्तान का एवार्ड देती है तो हिंदूस्तान को भी एसा ही करना चाहीए ।

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