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अजीत पवार के नाज़ेबा रिमार्क्स पर महाराष्ट्रा असेम्बली में दूसरे रोज़ भी शोरो ग़ुल

मुंबई, 10 अप्रेल: महाराष्ट्रा लीजसलीटीव असेम्बली की कार्रवाई आज दूसरे दिन भी मुतास्सिर रही। बात वही नायब वज़ीरे आला अजीत पवार के लोडशैडिंग और ख़ुश्कसाली पर किए गए नाज़ेबा रिमार्क्स वाली ही थी। अपोज़ीशन ने एक बार फिर असेम्बली में एक

मुंबई, 10 अप्रेल: महाराष्ट्रा लीजसलीटीव असेम्बली की कार्रवाई आज दूसरे दिन भी मुतास्सिर रही। बात वही नायब वज़ीरे आला अजीत पवार के लोडशैडिंग और ख़ुश्कसाली पर किए गए नाज़ेबा रिमार्क्स वाली ही थी। अपोज़ीशन ने एक बार फिर असेम्बली में एक तहरीक पेश करने की कोशिश की जिसे स्पीकर ने मुस्तर्द कर दिया। ऐवान-ए-ज़ेरीं को इंतिहाई शोर-ओ-गुल के दौरान क़ब्लअज़ीं दो बार मुल्तवी करना पड़ा और बिलआख़िर दिन भर के लिए कार्रवाई को मुल्तवी करने का ऐलान स्पीकर ने किया।

अपोज़ीशन अरकान ऐवान के वस्त में पहुंच कर अजीत पवार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी कररहे थे और मुतालिबा कर रहे थे कि उन्हें विज़ारत से बर्ख़ास्त कर दिया जाये। हालात इतने ख़राब थे कि ऐवान में सिर्फ़ एक तहरीक ताज़ियत ही पेश की जा सकी जो आँजहानी साबिक़ एम एल ए दत्ता तुरीय मीटकर के इंतिक़ाल पर पेश की गई थी। स्पीकर दिलीप वाल से पाटल ने अपोज़ीशन की जानिब से पेश की जाने वाली तहरीक को ये कह कर मुस्तर्द कर दिया कि अजीत पवार ने चूँकि अपने रिमार्क्स पर माज़रत ख़्वाही करली है लिहाज़ा अब ये एक बंद बाब है।

इस मौक़े पर शिवसेना के सुभाष देसाई ने कहा कि अजीत पवार के रिमार्क्स इंतिहाई नाज़ेबा थे जिस की मज़म्मत की जानी चाहिए। दूसरी तरफ़ बी जे पी के सुधीर मंगनतेवार और दीगर ने भी इस मौज़ू पर अपने ख़्यालात का इज़हार करने की कोशिश की लेकिन स्पीकर ने उन्हें इजाज़त नहीं दी,लेकिन दूसरी जानिब एन सी पी के लीजसलीटर्स जिन की क़ियादत शशी कांत शिंडे और जतिंद्र अहवाद कर रहे थे, उन्होंने अपोज़ीशन की जानिब से किए जाने वाले एहतिजाज पर एहतिजाज किया।

इन का कहना था कि जब स्पीकर इस मौज़ू को उठाने की इजाज़त नहीं दी है तो बार बार इसरार क्यों किया जा रहा है। इन का इशारा अजीत पवार की माज़रत ख़्वाही की जानिब था। स्पीकर ने जब कह दिया हैकि माज़रत ख़्वाही के बाद ये मामला एक ऐसा बाब बन चुका है जिसे बंद कर दिया गया है तो फिर इस मामले को बार बार उठाने का आख़िर क्या मतलब है?

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