अटल जी एक दूरदर्शी राजनेता थे, देश में कनेक्टिविटी क्रांति के युग का आरंभ हुआ: नायडू

अटल जी एक दूरदर्शी राजनेता थे, देश में कनेक्टिविटी क्रांति के युग का आरंभ हुआ: नायडू

उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने संसद सदस्‍यों से आग्रह किया कि वे अपने बहस के स्‍तर को ऊंचा करें ताकि संसद जन-जीवन में नए प्रतिमान स्‍थापित कर सके। यही पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति सच्‍ची श्रद्धांजलि होगी।

राष्‍ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज संसद के केन्‍द्रीय कक्ष में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र का अनावरण किया। इस अवसर पर उपराष्‍ट्रपति श्री नायडू ने कहा कि अटल जी ने अपने अनुकरणीय आचरण और हस्‍तक्षेप से लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत किया।

पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देते हुए उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि अटल जी ने एक गठबंधन सरकार का नेतृत्‍व करके दिखाया कि लोकतंत्र को कैसे मजबूती प्रदान की जा सकती है। उन्‍होंने दिखाया कि अच्‍छे प्रशासन के द्वारा लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है।

उपराष्‍ट्रपति श्री नायडू ने पूर्व प्रधानमंत्री को एक दूरदर्शी राजनेता बताते हुए कहा कि उन्‍होंने देश में कनेक्टिविटी क्रांति का प्रारंभ किया। बड़े पैमाने पर राष्‍ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण सड़कों व हवाई यात्रा अवसंरचना का निर्माण हुआ और संचार क्षेत्र का विस्‍तार हुआ। उनका विचार था कि आर्थिक विकास के लिए कनेक्टिविटी महत्‍वपूर्ण है।

श्री नायडू ने कहा कि अटल जी में प्रत्‍येक वर्ग व समुदाय के लोगों से तथा पृथक विचारधारा वाले राजनीतिक दलों से जुड़ने की अभूतपूर्व क्षमता थी। अटल जी का कोई दुश्‍मन नहीं था। इसीलिए उन्‍हें अजातशत्रु कहा जाता था। वे एक महान प्रशासक, महान राजनीतिज्ञ, कुशल वक्‍ता, महान संसद सदस्‍य और आदर्श रोलमॉडल थे।

उन्‍होंने कहा कि अटल जी समका‍लीन भारत के सर्वाधिक महान नेताओं में एक थे। उन्‍होंने अमिट छाप छोड़ी है जो हमें हमेशा नए भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करती रहेगी।

उपराष्‍ट्रपति श्री नायडू ने कहा कि दूसरों के विचारों और जनमत के प्रति सहिष्‍णु होना चाहिए।

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