Saturday , December 16 2017

अदालत से रुजू होने में हुकूमत की मदद ना की जाये

डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर सी दामोधर राज नरसिम्हा ने रियासत की तक़सीम के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट से रुजू होने चीफ़ मिनिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी की कोशिशों पर तन्क़ीद की।

डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर सी दामोधर राज नरसिम्हा ने रियासत की तक़सीम के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट से रुजू होने चीफ़ मिनिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी की कोशिशों पर तन्क़ीद की।

उन्होंने चीफ़ सेक्रेटरी पी के मोहंती को मौसूमा मकतूब में ख़बरदार किया कि इस ज़िमन में हुकूमत की तरफ़ से किसी भी तरह की मदद गै़रक़ानूनी और ग़ैर दस्तूरी होगी।

उन्होंने चीफ़ सेक्रेटरी को सुप्रीम कोर्ट में मुक़द्दमा दर्ज करने से बाज़ रहने की हिदायत दी और कहा कि इस से मर्कज़। रियासत तनाज़ा खड़ा होजाएगा।

रियासती हुकूमत एसा उस वक़्त करसकती है जब काबीना उसकी इजाज़त दे। चीफ़ मिनिस्टर काबीना की मंज़ूरी के बगै़र अदालत से रुजू नहीं होसकते।

उन्होंने कहा कि अगर एसा हो तो रियासती हुकूमत पर कोई ज़िम्मेदारी आइद नहीं होगी क्युंकि तेलंगाना क़ाइदीन तक़सीम के हक़ में हैं। दामोधर राज नरसिम्हा ने कहा कि मर्कज़ ने तेलंगाना रियासत की तशकील का फ़ैसला करलिया है और इस फ़ैसले की मुख़ालिफ़त ख़ुद गै़रक़ानूनी हरकत है।

एसे में हुकूमत की तरफ़ से अदालत से रुजू होने के लिए मदद नहीं की जानी चाहीए। उन्होंने बताया कि रियासत की तक़सीम मर्कज़ का दायरा इख़तियार है और रियासती हुकूमत इस पर सवाल नहीं उठा सकती।

मर्कज़ दफ़ा 3 के तहत किसी भी रियासत को तक़सीम कर सकता है और अषेएंबली-ओ-रियासती हुकूमत का इस में कोई रोल नहीं। चुनांचे रियासती हुकूमत अदालत से रुजू नहीं होसकती और चीफ़ मिनिस्टर यकतरफ़ा तौर पर कोई फ़ैसला नहीं करसकते।

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